ग्लोबल मार्केट से मिले खराब संकेतों के चलते भारतीय बाजार में हाहाकार मच गया है। Nifty **1.19%** गिरकर पांच महीने के निचले स्तर पर आ गया है, जबकि Sensex **777.94** अंक फिसल गया है।
बाजार में चौतरफा बिकवाली
15 सितंबर, 2026 को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। BSE Sensex 777.94 अंक गिरकर 74,003.82 पर बंद हुआ, वहीं NSE Nifty 1.19% की गिरावट के साथ 23,118.60 पर आ गया। यह स्तर पिछले पांच महीनों का सबसे निचला स्तर है। बाजार की शुरुआत तो सकारात्मक रही, लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही बिकवाली का दबाव बढ़ता गया।
गिरावट की मुख्य वजहें
बाजार के सेंटीमेंट बिगड़ने के पीछे ग्लोबल फैक्टर्स बड़ा कारण रहे:
- क्रूड ऑयल: ब्रेंट क्रूड $107 प्रति बैरल के पार निकल गया है, जिससे महंगाई का डर बढ़ गया है।
- US बॉन्ड यील्ड: अमेरिका में 10 साल के ट्रेजरी यील्ड का 5% के पार जाना उभरते बाजारों के लिए नेगेटिव है।
- US फेड: निवेशकों की नजर US फेडरल रिजर्व के अगले फैसले पर है, जिसके चलते बाजार में सतर्कता का माहौल है।
सेक्टर की बात करें तो रियल्टी, ऑटो, मेटल, एनर्जी और बैंकिंग इंडेक्स में 2% तक की गिरावट आई। हालांकि, आईटी सेक्टर एक सुरक्षित पनाहगाह बना रहा, जहाँ Nifty IT इंडेक्स 2.19% चढ़ा।
Solar Industries में बड़ी हलचल
Solar Industries के शेयरों में 13% से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली। कंपनी ने दक्षिण अफ्रीका की Omnia Holdings को ₹12,951 करोड़ ($1.355 बिलियन) में खरीदने का ऐलान किया है। इतनी बड़ी कैश डील को लेकर बाजार की चिंताएं शेयर पर हावी रहीं। दूसरी ओर, HDFC Bank ने 1% की बढ़त बनाई, वहीं ACME Solar Holdings के शेयर में 3.7% का उछाल दर्ज किया गया।
भारतीय रुपया भी डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 95.96 पर आ गया है। अब निवेशकों की नजर निफ्टी के 23,000 के अहम सपोर्ट लेवल पर टिकी है।
