गुरुवार के कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार में **1%** से ज्यादा की उछाल देखी गई। शानदार तिमाही नतीजों और क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। Nifty **22,936** पर और Sensex **74,151** के स्तर पर बंद हुआ। हालांकि, Trent के चेयरमैन पद में बदलाव की खबर से शेयर में **1.79%** की गिरावट दर्ज की गई।
भारतीय शेयर बाजारों ने गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को शानदार वापसी की है। निवेशकों के सेंटिमेंट में सुधार की बड़ी वजह दूसरी तिमाही (Q2) के दमदार नतीजे रहे। बेंचमार्क इंडेक्स Nifty 50 बढ़कर 22,936 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि Sensex ने 74,151 का स्तर पुनः हासिल कर लिया। इस तेजी को फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) की खरीदारी और वैश्विक स्तर पर गिरते क्रूड ऑयल के दामों का भरपूर साथ मिला, जिससे महंगाई और ट्रेड डेफिसिट से जुड़ी चिंताएं कम हुई हैं।
बाजार के मुख्य ड्राइवर और सेक्टोरल रुझान
बाजार की रिकवरी के पीछे घरेलू आर्थिक विकास को लेकर निवेशकों का भरोसा है। मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने के संकेत और कच्चे तेल के दामों में गिरावट ने मार्केट को बड़ी राहत दी है। सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो Realty इंडेक्स में 2.75% की मजबूती देखी गई, जिसमें DLF के शेयर 4.21% चढ़े। वहीं, FMCG इंडेक्स में 2.34% का उछाल रहा, जिसके पीछे सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी से खपत बढ़ने की उम्मीद मुख्य कारण है। बैंकिंग स्टॉक्स में भी प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर दोनों ही तरफ संस्थागत पूंजी का प्रवाह देखा गया।
प्रमुख स्टॉक्स का प्रदर्शन
बाजार की तेजी के बीच, Adani Group की कंपनियां जैसे Adani Ports और Adani Enterprises टॉप परफॉर्मर्स में शामिल रहीं। दूसरी ओर, ऑटो सेक्टर में सुस्ती दिखी, जहां Maruti Suzuki और Bajaj Auto के शेयर बढ़त बनाने में नाकाम रहे।
Trent में बदलाव का असर
निवेशकों की नजरें Trent पर भी टिकी थीं, जहां कंपनी के शेयरों में 1.79% की गिरावट देखने को मिली। इसकी मुख्य वजह चेयरमैन पद पर बदलाव की घोषणा है। Noel Tata अब चेयरमैन का पद छोड़ेंगे और वे 'चेयरमैन एमेरिटस' की भूमिका में नजर आएंगे। उनकी जगह Bahram Vakil यह जिम्मेदारी संभालेंगे। इस तरह के बड़े नेतृत्व बदलावों को लेकर शेयरधारकों के मन में भविष्य की रणनीति और गवर्नेंस को लेकर अस्थायी संशय बना रहता है।
भविष्य की बात करें तो बाजार की नजरें फाइनेंशियल ईयर की दूसरी छमाही पर हैं। GDP के अनुमानों में बढ़ोतरी ने घरेलू विकास की उम्मीदों को पुख्ता किया है। हालांकि, निवेशकों को ग्लोबल लिक्विडिटी और बाहरी दबावों पर भी बारीकी से नजर रखने की सलाह दी जा रही है।
