ग्लोबल मार्केट से मिले खराब संकेतों और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच Nifty 50 आज **23,858** के स्तर पर खुला। क्रूड ऑयल की कीमतें **$97** प्रति बैरल के करीब पहुंचने और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
भारतीय शेयर बाजार पर बुधवार को चौतरफा दबाव देखने को मिला। Nifty 50 इंडेक्स मनोवैज्ञानिक स्तर 24,000 को तोड़ते हुए 23,858 पर खुला। इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है, जिसने ग्लोबल मार्केट में हलचल मचा दी है।
क्रूड ऑयल का असर और चुनौतियां
ब्रेंट क्रूड के दाम $97 प्रति बैरल तक पहुंच गए हैं। चूंकि भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल आयात करता है, इसलिए बढ़ती कीमतें कच्चे माल को महंगा बना रही हैं। एविएशन, पेंट्स, टायर और ऑटोमोबाइल जैसे सेक्टरों के लिए यह बड़ी मुसीबत है, क्योंकि इन कंपनियों के मार्जिन (Profit Margin) पर सीधे तौर पर दबाव पड़ेगा।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल
दूसरी ओर, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 4.8% के स्तर पर पहुंच गई है, जो पिछले 20 महीनों का उच्चतम स्तर है। जब अमेरिकी बॉन्ड पर बेहतर रिटर्न मिलता है, तो विदेशी निवेशक उभरते बाजारों (Emerging Markets) से पैसा निकालकर अमेरिकी सुरक्षित एसेट्स में निवेश करने लगते हैं। यही कारण है कि घरेलू शेयरों में बड़ी बिकवाली देखी जा रही है।
कहां है मजबूती और कहां रिस्क?
बाजार में जारी बिकवाली के बीच ONGC और Coal India जैसे एनर्जी स्टॉक अपनी चमक बनाए हुए हैं। इसके विपरीत, आईटी (IT) और ऑटो सेक्टर में बिकवाली ज्यादा है, क्योंकि निवेशकों को धीमी ग्लोबल डिमांड का डर सता रहा है।
हालांकि भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.8% रही है, लेकिन फिलहाल ग्लोबल फैक्टर्स के आगे ये मजबूत आंकड़े गौण साबित हो रहे हैं। जानकारों की नजर अब 23,800 और 23,600 के टेक्निकल सपोर्ट लेवल पर टिकी है। बाजार की दिशा अब तेल की कीमतों और बॉन्ड यील्ड की स्थिरता पर निर्भर करेगी।
