Nifty 50: बाजार में हाहाकार! **23,800** के नीचे फिसला इंडेक्स, IPO की भीड़ और क्रूड ऑइल की आग ने बिगाड़ा खेल

ECONOMY
Whalesbook Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
Nifty 50: बाजार में हाहाकार! **23,800** के नीचे फिसला इंडेक्स, IPO की भीड़ और क्रूड ऑइल की आग ने बिगाड़ा खेल

7 सितंबर 2026 को Nifty 50 में जोरदार बिकवाली देखी गई, जिससे यह **23,800** के अहम सपोर्ट लेवल के नीचे बंद हुआ। अमेरिका-ईरान तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें **$100** के करीब पहुंच गई हैं, साथ ही इस हफ्ते **11** IPO आने से बाजार की लिक्विडिटी पर दबाव बढ़ गया है।

भू-राजनीतिक तनाव और क्रूड का असर

अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने ग्लोबल मार्केट को हिला दिया है। Brent क्रूड ऑइल की कीमतें अब $100 प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रही हैं। भारत के लिए यह एक बड़ी चिंता है क्योंकि हम कच्चे तेल के बड़े आयातक हैं। महंगे तेल का मतलब है देश में महंगाई का बढ़ना और करेंट अकाउंट डेफिसिट (Current Account Deficit) पर दबाव, जो RBI को ब्याज दरों को ऊंचा बनाए रखने पर मजबूर कर सकता है।

लिक्विडिटी पर IPO का असर

सेकेंडरी मार्केट में इस वक्त फंड्स की कमी देखी जा रही है। इस हफ्ते बाजार में एक साथ 11 मेनबोर्ड IPO खुले हैं, जिसके चलते रिटेल और इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स अपना पैसा पुराने शेयरों से निकालकर नए इश्यूज में लगा रहे हैं। इस 'लिक्विडिटी क्रंच' का सीधा असर IT और मीडिया जैसे सेक्टर्स पर पड़ा है, जहां जबरदस्त दबाव देखने को मिल रहा है।

टेक्निकल चार्ट क्या कहता है?

टेक्निकल तौर पर 23,800 का लेवल काफी मजबूत सपोर्ट जोन था, जिसके टूटने के बाद अब मार्केट की नजर 23,600 के सपोर्ट पर है। ऊपर की तरफ इंडेक्स को 24,000 से 24,150 के बीच रेजिस्टेंस (Resistance) का सामना करना पड़ेगा। जब तक ग्लोबल तनाव कम नहीं होता या क्रूड ऑइल की कीमतें स्थिर नहीं होतीं, तब तक मार्केट में उतार-चढ़ाव बने रहने की पूरी आशंका है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.