Nifty 50: बाजार में 25 साल का सबसे बड़ा संकट, लगातार 8वें हफ्ते गिरावट

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Nifty 50: बाजार में 25 साल का सबसे बड़ा संकट, लगातार 8वें हफ्ते गिरावट

भारतीय शेयर बाजार के लिए पिछला कुछ समय बेहद चुनौतीपूर्ण रहा है। Nifty 50 इंडेक्स लगातार **8** हफ्तों से गिरकर **22,421.95** पर बंद हुआ है, जो पिछले **25** वर्षों का सबसे लंबा खराब दौर है। विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

भारतीय इक्विटी मार्केट में ऐतिहासिक कमजोरी का दौर चल रहा है। पिछले हफ्ते ही इंडेक्स में 3.10% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस बिकवाली के पीछे कोई एक कारण नहीं, बल्कि कई वैश्विक और घरेलू फैक्टर्स जिम्मेदार हैं।

FII की भारी निकासी

सबसे बड़ा झटका विदेशी निवेशकों (FII) की तरफ से आया है। साल 2026 के पहले 9 महीनों में FII ने भारतीय बाजार से ₹3 लाख करोड़ से ज्यादा की इक्विटी बेची है। इस पूंजी पलायन (Capital Flight) का सीधा असर भारतीय रुपये पर पड़ा है, जो डॉलर के मुकाबले कमजोर हो रहा है।

ग्लोबल और घरेलू दबाव

  • कच्चा तेल: ब्रेंट क्रूड ऑयल $100 प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है, जिससे देश के इंपोर्ट बिल और महंगाई पर संकट गहरा गया है।
  • US बॉन्ड यील्ड: अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 5.3% के स्तर पर पहुंच गई है, जिससे निवेशक भारतीय बाजार के बजाय अमेरिकी सरकारी बॉन्ड को सुरक्षित मान रहे हैं।
  • मानसून का असर: कम बारिश (12.6% सामान्य से कम) ने रूरल डिमांड और फूड इन्फ्लेशन को लेकर डर पैदा कर दिया है।

नजरें RBI की बैठक पर

अब निवेशकों की निगाहें 5 अक्टूबर से 7 अक्टूबर 2026 तक होने वाली RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक पर टिकी हैं। बाजार में चर्चा है कि महंगाई को काबू में करने के लिए रिजर्व बैंक 25 बेसिस पॉइंट की रेपो रेट बढ़ोतरी कर सकता है।

तकनीकी तौर पर, निवेशकों के लिए 22,180 से 22,200 का लेवल काफी महत्वपूर्ण है। यदि निफ्टी इस सपोर्ट को नहीं बचा पाता है, तो बाजार में और बिकवाली देखने को मिल सकती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.