18 अगस्त 2026 को Nifty 50 लगातार पांचवें दिन गिरता हुआ नज़र आ रहा है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें भू-राजनीतिक तनाव के चलते **$91** प्रति बैरल के पार चली गई हैं। बाजार की नज़रें **24,200** के स्तर पर टिकी हैं, जो निफ्टी के लिए एक महत्वपूर्ण टेक्निकल सपोर्ट ज़ोन है।
कच्चे तेल के तेज़ होते दाम ने बढ़ाई चिंता
भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत इस हफ्ते थोड़ी डांवाडोल रही है। 18 अगस्त 2026 को Nifty 50 इंडेक्स लगातार पांचवें ट्रेडिंग सेशन में दबाव में रहा। 17 अगस्त को 24,287.65 पर बंद होने वाला यह इंडेक्स, वैश्विक बाजार के चुनौतीपूर्ण माहौल की वजह से कमजोरी दिखा रहा है।
इस बिकवाली का मुख्य कारण मैक्रोइकॉनॉमिक चिंताएं हैं। अमेरिका और ईरान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें $91 प्रति बैरल के ऊपर निकल गई हैं। भारत के लिए, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें एक बड़ी चिंता का विषय हैं क्योंकि इससे आयात लागत बढ़ सकती है, जिसका असर रुपये और महंगाई पर पड़ सकता है। इस माहौल ने निवेशकों का सेंटीमेंट खराब कर दिया है, जिसके चलते पिछले डेढ़ हफ़्ते से इंडेक्स में लगातार लोअर हाई और लोअर लो बन रहे हैं।
किन सपोर्ट लेवल पर रखें नज़र?
मार्केट एनालिस्ट्स यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि बाजार कहां ठहर सकता है। 24,200 का स्तर एक अहम सपोर्ट ज़ोन बनकर उभरा है, जहाँ 50-दिन और 100-दिन की मूविंग एवरेज कन्वर्ज हो रही हैं। इस लेवल से नीचे जाने पर और कमजोरी आ सकती है, जबकि 24,360 से 24,400 के बीच रेजिस्टेंस ज़ोन बना हुआ है। जब तक इंडेक्स इन रेजिस्टेंस लेवल्स को पार नहीं कर पाता, तब तक सतर्कता का माहौल बना रहने की उम्मीद है।
कच्चे तेल के अलावा, IT सेक्टर में लगातार हो रही बिकवाली भी इंडेक्स की स्थिरता के लिए एक चिंता का विषय बनी हुई है। साथ ही, विदेशी फंडों की लगातार बिकवाली (outflows) भी रिकवरी की उम्मीदों को सीमित कर रही है। इन सब वजहों, वैश्विक बाजार के कमजोर संकेतों और वॉल स्ट्रीट पर नकारात्मक सेंटीमेंट के कारण निवेशक नई पोजीशन लेने से हिचकिचा रहे हैं।
आगे चलकर, बाजार सहभागियों के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या निफ्टी 24,200 के सपोर्ट लेवल के आसपास स्थिर हो पाता है या बिकवाली और तेज़ होती है। भू-राजनीतिक तनाव में कमी या तेल की कीमतों में नरमी से इंडेक्स को थोड़ी राहत मिल सकती है। इसके विपरीत, अगर इंडेक्स 24,200 के नीचे गिरता है, तो निवेशक 24,000-24,100 के स्तर को अगले संभावित सपोर्ट के रूप में देख सकते हैं।
