Nifty 50 के लिए यह दौर साल 2020 के बाद सबसे चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और ग्लोबल महंगाई के दबाव में इंडेक्स **5%** गिर चुका है, जबकि Tech और Auto सेक्टर में बड़ी गिरावट है। इस बीच, Adani Ports उन चुनिंदा शेयरों में शामिल है जिसने मुश्किल बाजार में भी मजबूती बनाए रखी है।
बाजार पर छाया गहरा संकट
मिड-अगस्त से शुरू हुआ गिरावट का यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। क्रूड ऑयल का भाव $100 प्रति बैरल के पार बना हुआ है, जिसके साथ ही बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने मार्केट का सेंटिमेंट बिगाड़ दिया है।
IT और Auto सेक्टर का हाल बेहाल
बिकवाली का सबसे ज्यादा असर टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल शेयरों पर दिखा है। Tata Consultancy Services (TCS), Infosys, और Wipro जैसे दिग्गज शेयरों में 10% से 14% तक की गिरावट आई है। इसके पीछे मुख्य कारण US Federal Reserve द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी और IT स्पेंडिंग कम होने की आशंका है। वहीं, ऑटो सेक्टर में पैसेंजर व्हीकल एक्सपोर्ट में 17% की सालाना गिरावट दर्ज की गई है। बारिश की कमी के कारण रूरल डिमांड को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है।
Adani Ports की चमक और उम्मीदें
बाजार की इस सुस्ती के बीच 6 कंपनियों ने मिलकर निवेशकों की झोली में ₹72,764 करोड़ की वेल्थ जोड़ी है। इनमें से Adani Ports सबसे बड़ा स्टार रहा, जिसने अकेले 40% से ज्यादा का योगदान देते हुए 7% की बढ़त दिखाई है। कंपनी का लक्ष्य 2031 फाइनेंशियल ईयर तक 'नेट कैश पॉजिटिव' होने का है, जो निवेशकों का भरोसा जीत रहा है।
इसके अलावा Kotak Mahindra Bank, Axis Bank, और Dr. Reddy’s Laboratories ने भी बाजार के रुख के विपरीत मजबूती दिखाई है। अब निवेशकों की नजरें क्रूड ऑयल के भाव और वेस्ट एशिया की जियोपॉलिटिकल स्थिति पर टिकी हैं, जो आगे मार्केट की दिशा तय करेंगे।
