Nifty 50: 25 साल में पहली बार इतनी बड़ी गिरावट, 200-वीक मूविंग एवरेज के नीचे फिसला इंडेक्स

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AuthorNeha Patil|Published at:
Nifty 50: 25 साल में पहली बार इतनी बड़ी गिरावट, 200-वीक मूविंग एवरेज के नीचे फिसला इंडेक्स

ग्लोबल मार्केट से मिल रहे खराब संकेतों के चलते Nifty 50 में बड़ी हलचल है। इंडेक्स **22,421.95** के स्तर पर बंद हुआ है और पहली बार **200-वीक मूविंग एवरेज** के नीचे आ गया है, जो कि 2020 की क्रैश के बाद पहली बार हुआ है।

बाजार में मची हड़कंप

इक्विटी मार्केट के लिए यह दौर काफी चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। 1 अक्टूबर, 2026 को Nifty 50 22,421.95 पर बंद हुआ, जो कि एक बेहद महत्वपूर्ण तकनीकी स्तर 22,600 के नीचे है। पिछले 8 हफ्तों से जारी लगातार गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, जो साल 2001 के बाद से सबसे लंबी गिरावट का सिलसिला है।

क्यों बिकवाली कर रहे हैं FIIs?

इस गिरावट की मुख्य वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ताबड़तोड़ बिकवाली है। चालू साल में अब तक ये निवेशक भारतीय बाजार से लगभग $27.8 बिलियन की बड़ी पूंजी निकाल चुके हैं, जिससे बाजार में लिक्विडिटी का संकट पैदा हो गया है।

ग्लोबल फैक्टर का दबाव

बाजार पर दो तरफा मार पड़ रही है:

  • US बॉन्ड यील्ड: अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड का 5.3% से ऊपर बने रहना निवेशकों को इमर्जिंग मार्केट्स से दूर कर रहा है।
  • क्रूड ऑयल: कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से भारतीय रुपया दबाव में है और कंपनियों के लिए इनपुट कॉस्ट बढ़ रही है।

अब आगे क्या?

स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि Nifty 500 के लगभग 81% शेयर अपने 50-दिन के मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहे हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स अब 22,400 के सपोर्ट लेवल पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं। अगर यह स्तर नहीं संभला, तो टेक्निकल ट्रेडर्स की ओर से और अधिक बिकवाली देखने को मिल सकती है। बाजार की रिकवरी पूरी तरह से फॉरेन फंड्स की वापसी और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में स्थिरता पर निर्भर करेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.