ग्लोबल टेंशन के चलते Nifty 50 में कमजोरी देखी जा रही है। इंडेक्स **22,600** के स्तर पर बंद हुआ है, जो इसके **200-week moving average** यानी **22,673** के नीचे है।
बाजार पर दबाव क्यों?
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव (geopolitical tensions) का असर ग्लोबल मार्केट पर साफ दिख रहा है। क्रूड ऑयल की कीमतें $105 प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं, जिससे महंगाई और कंपनियों की इनपुट कॉस्ट बढ़ने का डर पैदा हो गया है। मार्केट के जानकारों का मानना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें प्रॉफिट मार्जिन पर चोट कर सकती हैं।
चार्ट पर क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट्स?
तकनीकी तौर पर, 200-week moving average को लॉन्ग-टर्म मार्केट हेल्थ का पैमाना माना जाता है। अब निफ्टी के लिए 22,000 से 22,200 का दायरा एक मजबूत सपोर्ट जोन के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, ऊपर की तरफ 23,000 का स्तर एक रेजिस्टेंस की तरह काम करेगा। इस लेवल को पार करने के लिए बाजार में भारी खरीदारी की जरूरत होगी।
आगे की राह
फिलहाल निवेशक काफी सतर्क हैं और बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव व विदेशी निवेशकों की बिकवाली पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में कंपनियों के तिमाही नतीजे और सेंट्रल बैंक के संकेतों से मार्केट की दिशा तय होगी।
