Nifty 50: बाजार में दबाव के बीच Nifty 50 में **126** अंकों की गिरावट, स्मॉलकैप इंडेक्स ने रचा इतिहास

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AuthorAditya Rao|Published at:
Nifty 50: बाजार में दबाव के बीच Nifty 50 में **126** अंकों की गिरावट, स्मॉलकैप इंडेक्स ने रचा इतिहास

26 अगस्त 2026 को IT और FMCG सेक्टर की बिकवाली के चलते Nifty 50 **0.52%** गिरकर **24,207** के स्तर पर बंद हुआ। हालांकि, बाजार में राहत की बात यह है कि संस्थागत निवेशकों की खरीदारी लगातार जारी है और Nifty Smallcap 100 इंडेक्स अपने नए ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया है।

भारतीय शेयर बाजार में 26 अगस्त 2026 को मिला-जुला रुख देखने को मिला। जहां एक ओर दिग्गज इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए, वहीं बाजार के अंदरूनी रुझान मजबूती का संकेत दे रहे हैं। Nifty 50 इंडेक्स 126.80 अंक यानी 0.52% की गिरावट के साथ 24,207.75 पर बंद हुआ, जबकि BSE Sensex 183.15 अंक गिरकर 77,472.94 पर सिमट गया।

संस्थागत निवेशकों का भरोसा बरकरार

बेंचमार्क इंडेक्स में भले ही गिरावट आई हो, लेकिन घरेलू और विदेशी संस्थागत निवेशक पूरे अगस्त महीने में लगातार खरीदारी कर रहे हैं। यही कारण है कि भारी बिकवाली के बावजूद बाजार को एक मजबूत सपोर्ट (Floor) मिल रहा है। निवेशक ग्लोबल अनिश्चितताओं और लिक्विडिटी के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

सेक्टर का हाल और स्मॉलकैप की उड़ान

मार्केट की सुस्ती के पीछे IT और FMCG जैसे दिग्गज सेक्टरों में हुई भारी बिकवाली मुख्य वजह रही। इसके विपरीत, मेटल और PSU बैंक सेक्टर में खरीदारी का रुझान देखा गया। हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव कम होने के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी आई है, जिससे एनर्जी सेक्टर को थोड़ी राहत मिली है।

दिलचस्प बात यह है कि लार्ज-कैप शेयरों में प्रॉफिट-बुकिंग चल रही है, जबकि Nifty Smallcap 100 इंडेक्स 0.81% की तेजी के साथ अपने नए ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया है। यह साफ दिखाता है कि निवेशक अब अपना पैसा लार्ज-कैप की ऊँची वैल्युएशन से हटाकर छोटी कंपनियों में लगा रहे हैं। आने वाले सत्रों में यह 'सेक्टोरल रोटेशन' ही बाजार की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाएगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.