Labor Rules Change: अब फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों को भी मिलेगा ग्रैच्युटी का फायदा

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Labor Rules Change: अब फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों को भी मिलेगा ग्रैच्युटी का फायदा

Code on Social Security, 2020 अब लागू हो चुका है, जिसके तहत फिक्स्ड-टर्म कर्मचारी भी अब एक साल की सेवा के बाद प्रो-राटा ग्रैच्युटी (Gratuity) के हकदार होंगे।

बड़े बदलाव की शुरुआत

21 नवंबर, 2025 से लागू हुए 'Code on Social Security, 2020' ने भारतीय वर्कफोर्स के लिए गेम बदल दिया है। अब तक ग्रैच्युटी का फायदा मुख्य रूप से लंबे समय तक काम करने वाले स्थाई कर्मचारियों को ही मिलता था, लेकिन अब इस दायरे में फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों को भी शामिल कर लिया गया है। अब कोई भी फिक्स्ड-टर्म कर्मचारी कम से कम 1 साल की सर्विस पूरी करने के बाद टर्मिनल बेनिफिट्स पाने का पात्र होगा।

ग्रैच्युटी का गणित (Calculation Formula)

ग्रैच्युटी की कैलकुलेशन बेसिक सैलरी और डियरनेस अलाउंस (DA) पर आधारित होती है। नियम के अनुसार, आखिरी बार मिली सैलरी को 15 से गुणा किया जाता है और उसे काम के कुल सालों से गुणा करके 26 से डिवाइड किया जाता है।

उदाहरण के लिए, यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी और DA मिलाकर ₹1 लाख है और उसने 10 साल काम किया है, तो उसे लगभग ₹5,76,923 ग्रैच्युटी के रूप में मिलेंगे। याद रखें, इसमें HRA या बोनस जैसे अलाउंस शामिल नहीं होते हैं।

कंपनियों के लिए सख्त नियम

नियमों में सख्ती लाते हुए सरकार ने कंपनियों को ग्रैच्युटी सेटल करने के लिए सिर्फ 30 दिन का समय दिया है। यदि कंपनी इस समय सीमा के भीतर भुगतान नहीं करती है, तो उस पर ब्याज का बोझ पड़ सकता है। यह उन सेक्टर के लिए बड़ा बदलाव है जो बड़ी संख्या में कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों पर निर्भर हैं। निवेशकों के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण खबर है क्योंकि लेबर-इंटेंसिव कंपनियों के ऑपरेटिंग मार्जिन और कैश फ्लो पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.