Nepal Floods: जलप्रलय से नेपाल में 12 पावर प्लांट तबाह, **430 MW** बिजली उत्पादन ठप

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Nepal Floods: जलप्रलय से नेपाल में 12 पावर प्लांट तबाह, **430 MW** बिजली उत्पादन ठप

नेपाल में ग्लेशियर फटने से आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। देश के **12** हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे नेशनल ग्रिड से **430 MW** क्षमता कम हो गई है। इसका सीधा असर वहां के शेयर बाजार और पड़ोसी भारतीय राज्यों पर पड़ा है।

तिब्बत में 4.4 तीव्रता के भूकंप के बाद ग्लेशियर फटने से आई बाढ़ ने मध्य नेपाल में भारी विनाश किया है। 26 अगस्त, 2026 को आई इस आपदा में अब तक 95 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और सैकड़ों लोग लापता हैं, जिनमें 133 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। यह आपदा न केवल मानवीय संकट बनी है, बल्कि इसने रीजनल एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर की कमर तोड़ दी है।

पावर सेक्टर को जोरदार झटका

बाढ़ की चपेट में आने वाले प्रोजेक्ट्स में रसुवागढी (Rasuwagadhi), संजेन (Sanjen) और अपर त्रिशूली 3A (Upper Trishuli 3A) शामिल हैं। इन 12 प्रोजेक्ट्स के बंद होने से करीब 430 MW बिजली का उत्पादन रुक गया है। तबाही का आलम यह है कि कनेक्टिविटी पूरी तरह कट गई है और भारी मशीनों को साइट तक पहुंचाना फिलहाल नामुमकिन बना हुआ है, जिससे बहाली का काम लंबा खिंच सकता है।

मार्केट और इकोनॉमिक रिस्क

इस खबर के बाद नेपाल के शेयर बाजार (NEPSE) में अफरातफरी मच गई। 26 अगस्त को ही हाइड्रोपावर इंडेक्स 2.84% लुढ़क गया। निवेशकों को अब इस बात की चिंता सता रही है कि इन प्रोजेक्ट्स के रिपेयर पर होने वाला भारी खर्च कंपनियों की बैलेंस शीट पर दबाव डालेगा और इंश्योरेंस क्लेम्स की प्रक्रिया भी पेचीदा हो सकती है।

भारत के लिए खतरा

भारत के लिए यह आपदा चिंता का विषय बन गई है। गंडक नदी (Gandak River) के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बिहार और उत्तर प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है। भारतीय प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य शुरू किए जा चुके हैं, साथ ही सप्लाई चेन में आने वाली रुकावटों पर भी बारीकी से नजर रखी जा रही है।

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