अगस्त 2026 में आई Bhotekoshi बाढ़ की आड़ में जालसाजों ने वसूली शुरू कर दी है। अथॉरिटीज ने चेतावनी दी है कि पर्सनल UPI QR कोड के जरिए डोनेशन न दें और सिर्फ सरकारी चैनल्स का ही इस्तेमाल करें।
धोखाधड़ी का नया तरीका\n\nनेपाल में 26 अगस्त, 2026 को आई विनाशकारी Bhotekoshi बाढ़ के बाद से डिजिटल फ्रॉड के मामलों में उछाल आया है। जालसाज Instagram, Facebook और TikTok जैसे प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी फंडरेजिंग पेज बनाकर लोगों को ठग रहे हैं। ये लोग आपदा के पुराने फुटेज और AI-जनरेटेड कंटेंट का इस्तेमाल करके एक झूठी तात्कालिकता (urgency) पैदा कर रहे हैं, ताकि लोग बिना सोचे-समझे पैसे ट्रांसफर कर दें।\n\n### कैसे काम कर रहे हैं जालसाज?\n\nजांच में सामने आया है कि ये फर्जी पेज किसी रजिस्टर्ड चैरिटी से नहीं जुड़े होते हैं। ये लोग डोनेशन के लिए सीधे अपने पर्सनल UPI QR कोड का उपयोग करते हैं। कुछ मामलों में तो ठगों ने AI का इस्तेमाल करके फर्जी डोनेशन रसीदें भी बनाई हैं। रामेछाप के रहने वाले भगवान कार्की की गिरफ्तारी इसी कड़ी का हिस्सा है, जिसने AI का इस्तेमाल करके राहत राशि को अपने निजी अकाउंट में डायवर्ट किया था।\n\n### सरकार का कड़ा रुख\n\nइस डिजिटल धोखाधड़ी को रोकने के लिए नेपाल सरकार और Nepal Rastra Bank ने सख्त एडवाइजरी जारी की है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि किसी भी पर्सनल बैंक अकाउंट या अनवेरिफाइड QR कोड पर पैसे न भेजें। राहत राशि सिर्फ सरकार द्वारा अधिकृत राहत कोष (Government Disaster Relief Funds) में ही जमा करें।\n\n### सोशल मीडिया कंपनियों से तालमेल\n\nनेपाल सरकार ने Meta और TikTok जैसी बड़ी टेक कंपनियों के साथ भी संपर्क साधा है ताकि भ्रामक और फर्जी डोनेशन पोस्ट्स को हटाया जा सके। अगर आप मदद करना चाहते हैं, तो हमेशा आधिकारिक सरकारी वेबसाइट्स या नामी राहत एजेंसियों के पोर्टल की प्रामाणिकता जांच लें। डिजिटल पेमेंट ऐप्स के जरिए पर्सनल अकाउंट्स पर पैसे भेजना सबसे बड़ा जोखिम बना हुआ है।