नेपाल के रसुवा जिले में आए विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिसका सीधा असर वहां की कई हाइड्रोपावर परियोजनाओं पर पड़ा है। इस आपदा के चलते नेपाल स्टॉक एक्सचेंज (NEPSE) में **1.38%** की गिरावट दर्ज की गई है।
बाजार पर दिखा आपदा का असर
26 अगस्त, 2026 को नेपाल के रसुवा जिले में बर्फ के खिसकने और मूसलाधार बारिश के चलते आई बाढ़ ने तबाही मचा दी है। इस घटना से सड़कें, पुल और 12 से ज्यादा हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इसका असर नेपाल शेयर बाजार (NEPSE) पर साफ दिखा, जहां निवेशकों ने घबराकर बिकवाली की।
किन सेक्टर्स पर पड़ा सबसे बुरा प्रभाव?
बाजार में सबसे ज्यादा मार हाइड्रोपावर और इंश्योरेंस सेक्टर पर पड़ी है:
- हाइड्रोपावर सेक्टर: इस सेक्टर के शेयरों में 2.84% की गिरावट आई, क्योंकि निवेशकों को बांधों और ऊर्जा उत्पादन संपत्तियों के क्षतिग्रस्त होने का डर है।
- नॉन-लाइफ इंश्योरेंस: इस सेक्टर में 3.90% की बड़ी गिरावट देखी गई। इसकी मुख्य वजह इंश्योरेंस कंपनियों के पास आने वाले भारी-भरकम क्लेम का डर है।
भारत के लिए भी खतरे की घंटी
बाढ़ का पानी अब गंडक नदी प्रणाली के जरिए नीचे की ओर बढ़ रहा है। भारत के बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, क्योंकि वहां बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बचाव कार्य के लिए अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय एजेंसियों को तैनात किया गया है। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों का नुकसान कितना गहरा है और पावर प्रोजेक्ट्स कितनी जल्दी फिर से चालू हो पाएंगे।
