NSE IPO: निवेशकों के लिए बड़ा मौका! ₹1,700-₹1,785 का प्राइस बैंड, साथ ही EPFO नियमों में बड़ा बदलाव

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
NSE IPO: निवेशकों के लिए बड़ा मौका! ₹1,700-₹1,785 का प्राइस बैंड, साथ ही EPFO नियमों में बड़ा बदलाव

शेयर बाजार के दिग्गज NSE का ₹22,569 करोड़ का IPO आज खुल गया है, जिसकी वैल्यूएशन $46 बिलियन आंकी गई है। वहीं, सरकार ने EPFO की वेतन सीमा बढ़ाकर ₹25,000 कर दी है और फ्यूल रिटेलर्स नए UPI शुल्क का विरोध कर रहे हैं।

NSE का मेगा IPO बाजार में आया

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने आज अपना बहुप्रतीक्षित IPO लॉन्च कर दिया है, जो हाल के दिनों की सबसे बड़ी मार्केट इवेंट्स में से एक है। ₹22,569 करोड़ के इस इश्यू के लिए प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर तय किया गया है। यह पूरी तरह से 'ऑफर फॉर सेल' है, जिसका मतलब है कि पैसा मौजूदा शेयरधारकों को जाएगा, कंपनी के ऑपरेशन में नहीं। एक्सचेंज की कुल मार्केट वैल्यूएशन लगभग $46 बिलियन है।

रिस्क और चुनौतियां

NSE की कमाई का बड़ा हिस्सा डेरिवेटिव्स और ऑप्शंस वॉल्यूम से आता है। 2026 के दौरान रेगुलेटरी बदलावों के कारण इन वॉल्यूम में गिरावट देखी गई है, जो बिजनेस के लिए अनिश्चितता पैदा करती है। 21 सितंबर, 2026 तक चलने वाले इस IPO के दौरान निवेशक यह बारीकी से देखेंगे कि रेगुलेटरी बदलावों का लॉन्ग-टर्म असर क्या होगा।

EPFO में बड़ा बदलाव

पर्सनल फाइनेंस के लिहाज से केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। EPFO की अनिवार्य वेतन सीमा को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 कर दिया गया है। इससे 51 लाख और कर्मचारी अब सोशल सिक्योरिटी के दायरे में आ जाएंगे। हालांकि यह रिटायरमेंट फंड के लिए अच्छा है, लेकिन कर्मचारियों की इन-हैंड सैलरी में थोड़ी कमी आएगी।

UPI शुल्क पर फ्यूल रिटेलर्स का विरोध

डिजिटल पेमेंट के मोर्चे पर विवाद गहरा गया है। फ्यूल रिटेलर्स ने 15 अक्टूबर, 2026 से लागू होने वाले ₹2,000 से ऊपर के UPI ट्रांजेक्शन पर ₹5 के फ्लैट मर्चेंट डिस्काउंट रेट का कड़ा विरोध किया है। पेट्रोल पंप मालिकों का कहना है कि उनके मार्जिन बहुत कम हैं, जिससे वे इस अतिरिक्त बोझ को उठाने में असमर्थ हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.