Medical Devices Price Cap: NPPA के पास अभी नहीं है मेडिकल डिवाइसेस पर 20% मार्जिन कैप लगाने की कानूनी शक्ति

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Medical Devices Price Cap: NPPA के पास अभी नहीं है मेडिकल डिवाइसेस पर 20% मार्जिन कैप लगाने की कानूनी शक्ति

National Pharmaceutical Pricing Authority (NPPA) फिलहाल नॉन-शेड्यूल्ड मेडिकल डिवाइसेस पर **20%** ट्रेड मार्जिन कैप लगाने में असमर्थ है। कानूनी सीमाओं के चलते सरकार के पास अभी ऐसा कोई ठोस फ्रेमवर्क नहीं है, जो अनिवार्य रूप से कीमतों को कम कर सके। निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि भविष्य में पॉलिसी में बदलाव से हॉस्पिटल और मैन्युफैक्चरर्स के प्रॉफिट मार्जिन पर सीधा असर पड़ सकता है।

कानूनी सीमाएं और मौजूदा नियम

फिलहाल, NPPA के पास मेडिकल डिवाइसेस पर एक साथ 20% का मार्जिन कैप लगाने का कानूनी अधिकार नहीं है। मौजूदा व्यवस्था में, हॉस्पिटल के अधिकतर कंज्यूमेबल्स की कीमतें मैन्युफैक्चरर्स और प्राइवेट हॉस्पिटल्स खुद तय करते हैं, न कि सरकार। NPPA 'Drugs (Prices Control) Order 2013' के तहत काम करता है, जो केवल 'शेड्यूल्ड' दवाओं और कुछ चुनिंदा नोटिफाइड डिवाइसेस पर ही प्राइस कैप लगाने की इजाजत देता है। बाकी सभी आइटम्स सरकार के दायरे से बाहर हैं।

क्यों उठ रही है नियंत्रण की मांग?

महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की हालिया जांचों में यह सामने आया कि IV इन्फ्यूजन सेट, कैथेटर और ऑक्सीजन मास्क जैसी जरूरी चीजों की खरीद लागत और मरीजों से वसूले जा रहे बिल के बीच भारी अंतर है। संसदीय समितियों ने भी इस पर चिंता जताई है कि ये ऊंचे मार्कअप मरीजों की जेब पर भारी पड़ रहे हैं। इसे देखते हुए सरकार नई पॉलिसी पर विचार तो कर रही है, लेकिन कोई ठोस कानूनी ढांचा न होने से फिलहाल कोई बड़ा बदलाव संभव नहीं है।

निवेशकों के लिए जोखिम और संकेत

निवेशकों के लिए सबसे बड़ा रिस्क अचानक आने वाले सरकारी फैसले हैं। याद रहे, 2021 में कोविड के दौरान सरकार ने अपने आपातकालीन अधिकारों (Paragraph 19) का इस्तेमाल करते हुए प्राइस कैप लगाए थे। हालांकि वे अस्थायी थे, लेकिन यह साबित करते हैं कि जनहित में सरकार कभी भी कड़े फैसले ले सकती है।

अगर सरकार भविष्य में कानूनों में संशोधन कर मार्जिन पर परमानेंट कंट्रोल लाती है, तो मेडिकल डिवाइस बनाने वाली कंपनियों और उन हॉस्पिटल चेन्स के मार्जिन पर दबाव आ सकता है जो कंज्यूमेबल्स से भारी मुनाफा कमाते हैं। फिलहाल निवेशकों को 'Department of Pharmaceuticals' की ओर से 'Trade Margin Rationalisation' पर आने वाली किसी भी अपडेट पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि यही सेक्टर के लिए भविष्य की दिशा तय करेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.