NITI Aayog का बड़ा एक्शन प्लान: मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा भारत, इन **12** सेक्टरों पर दांव

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
NITI Aayog का बड़ा एक्शन प्लान: मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा भारत, इन **12** सेक्टरों पर दांव

भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए NITI Aayog ने नई रणनीति तैयार की है। इसमें **12** प्रमुख सेक्टरों की पहचान की गई है, जहाँ जमीन अधिग्रहण और क्रेडिट की बाधाओं को हटाकर निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा।

12 सेक्टरों पर विशेष फोकस

NITI Aayog ने अपने अगस्त 2026 की रिपोर्ट में 2047 के आर्थिक लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए एक रोडमैप पेश किया है। अब फोकस सिर्फ लो-वैल्यू असेंबली पर नहीं, बल्कि ग्लोबल सप्लाई चेन में भारत की गहरी भागीदारी पर है। इन 12 सेक्टरों में ऑटोमोबाइल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्टील, कैपिटल गुड्स, डिफेंस, केमिकल्स, सोलर पीवी, टेक्सटाइल्स, फार्मा, मेडिकल डिवाइसेस, टेलीकॉम इक्विपमेंट और लेदर शामिल हैं। इनमें से केमिकल्स, टेक्सटाइल्स, टेलीकॉम इक्विपमेंट और सोलर पीवी को तत्काल प्राथमिकता दी गई है।

निवेश और चुनौतियों का गणित

NITI Aayog के वाइस चेयरपर्सन अशोक कुमार लाहिड़ी का मानना है कि प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी ही असली ग्रोथ इंजन बनेगी। फिलहाल भारत का इन्वेस्टमेंट-टू-जीडीपी रेशियो महज 25% है, जो एशियाई देशों की तुलना में काफी कम है। सरकार अब लैंड एक्विजिशन और हाई कॉस्ट ऑफ कैपिटल जैसी दिक्कतों को दूर करने की तैयारी में है।

निवेशकों के लिए संकेत

ग्लोबल स्तर पर ट्रेड वॉर और संरक्षणवादी नीतियों के बीच भारत को स्किल्ड लेबर और बेहतर लॉजिस्टिक्स की जरूरत है। बाजार पर नजर रखने वालों को अब जमीन सुधार (Land Reforms), लेबर मार्केट के बदलाव और फाइनेंशियल सेक्टर में क्रेडिट अवेलेबिलिटी बढ़ाने वाले फैसलों पर पैनी नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.