NITI Aayog का बड़ा बयान: LTCG टैक्स और भारत के विकास का रोडमैप तैयार

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AuthorNeha Patil|Published at:
NITI Aayog का बड़ा बयान: LTCG टैक्स और भारत के विकास का रोडमैप तैयार

NITI Aayog के वरिष्ठ अधिकारी ने LTCG टैक्स में फिस्कल इक्विटी और इकोनॉमिक एफिशिएंसी के बीच संतुलन बनाने की जरूरत पर जोर दिया है। उनका कहना है कि 2047 तक भारत के विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टार्टअप इकोसिस्टम में निवेश बेहद जरूरी है।

टैक्स स्ट्रक्चर पर NITI Aayog का रुख

NITI Aayog के एक वरिष्ठ अधिकारी ने साफ किया है कि लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स में किसी भी बदलाव के लिए फिस्कल इक्विटी और आर्थिक दक्षता के बीच सही तालमेल बिठाना अनिवार्य है। हालांकि निवेशक टैक्स पॉलिसी को लेकर हमेशा क्लैरिटी चाहते हैं, लेकिन अधिकारी ने तत्काल किसी बदलाव के संकेत देने के बजाय एक स्थायी टैक्स ढांचे की वकालत की है। यह चर्चा लंबे समय से चले आ रहे सिक्योरिटीज़ ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) और कैपिटल गेन्स टैक्स के आपसी संबंधों पर केंद्रित है।

STT और LTCG का समीकरण

STT और LTCG दोनों ही ट्रेडिंग और एसेट होल्डिंग की लागत को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन दोनों का तालमेल ही मार्केट में निवेशकों की भागीदारी तय करता है। सरकार अब ऐसे संतुलित टैक्स माहौल पर विचार कर रही है जो रेवेन्यू की जरूरतों को भी पूरा करे और लंबी अवधि के निवेश को प्रोत्साहित भी करे।

2047 का 'विकसित भारत' विजन

टैक्स पॉलिसी के अलावा, सरकार का पूरा फोकस 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य को पाने पर है। इसके लिए चार स्तंभ तय किए गए हैं: एजुकेशन, हेल्थकेयर, इंफ्रास्ट्रक्चर और एंटरप्रेन्योरशिप। सरकार अब पारंपरिक नौकरियों के बजाय 'जॉब-क्रिएशन' पर जोर दे रही है, जिसे घरेलू स्टार्टअप्स और नई टेक्नोलॉजी के जरिए गति दी जा रही है।

टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर दांव

देश की प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए टेक्नोलॉजी और कैपिटल इन्वेस्टमेंट को आपस में जोड़ा जा रहा है। प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) जैसी स्कीमों के माध्यम से इंडस्ट्रीज को आधुनिक मशीनरी और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सपोर्ट दिया जा रहा है। निवेशकों के लिए संकेत साफ है—सरकार का फोकस लंबे समय की पॉलिसी स्टेबिलिटी और कैपिटल-इंटेंसिव ग्रोथ पर है। आने वाले समय में टैक्स अपडेट्स और सरकारी इंसेंटिव स्कीम्स पर नजर रखना निवेशकों के लिए जरूरी होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.