NBFCs और Rural Credit: कृषि क्षेत्र में NBFCs का बढ़ा दबदबा, कर्ज देने के तरीके में आया बड़ा बदलाव

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AuthorNeha Patil|Published at:
NBFCs और Rural Credit: कृषि क्षेत्र में NBFCs का बढ़ा दबदबा, कर्ज देने के तरीके में आया बड़ा बदलाव

भारत के ग्रामीण फाइनेंसिंग मार्केट में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। नॉन-बैंक लेंडर्स और फिनटेक कंपनियां अब पारंपरिक खेती के बजाय 'एलाइड एग्री' सेक्टर पर फोकस कर रही हैं। RBI के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त **2026** तक NBFCs के एग्रीकल्चर क्रेडिट में **17.4%** की उछाल दर्ज की गई है।

भारत में ग्रामीण क्रेडिट का परिदृश्य अब तेजी से बदल रहा है। पारंपरिक सरकारी बैंकों की जगह अब NBFCs और फिनटेक प्लेटफॉर्म्स ने ले ली है, जो उन छोटे उद्यमियों तक पहुंच रहे हैं जिन्हें पहले औपचारिक संस्थानों से कर्ज मिलना मुश्किल था।

एलाइड सेक्टर पर फोकस का फायदा

RBI के हालिया डेटा के मुताबिक, अगस्त 2026 तक कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए NBFCs द्वारा दिए गए लोन में 17.4% की सालाना बढ़ोतरी हुई है। लेंडर्स का झुकाव अब डेयरी, पोल्ट्री और फिशरीज जैसे क्षेत्रों की ओर है, क्योंकि यहां मौसमी फसलों के विपरीत नियमित कैश फ्लो मिलता है, जिससे कर्ज की रिकवरी आसान हो जाती है।

कोलेटरल-मुक्त लेंडिंग का नया दौर

पहले ग्रामीण ऋण जमीन के कागजों (कोलेटरल) पर आधारित होते थे, लेकिन अब आधुनिक एग्री-फिनटेक कंपनियां 'कैश-फ्लो आधारित अंडरराइटिंग' का इस्तेमाल कर रही हैं। वे डेयरी रिकॉर्ड, वेयरहाउस रसीद और सप्लाई चेन इनवॉइस का विश्लेषण करके लोन दे रही हैं। इससे ₹2 लाख से कम के छोटे लोन प्रोसेस करना काफी आसान हो गया है। साथ ही, 2026 के अंत तक अकाउंट एग्रीगेटर्स की बढ़ती इंटरऑपरेबिलिटी डेटा एक्सेस को और बेहतर बनाएगी।

जोखिम और चुनौतियां

विकास के साथ ही निवेशकों की नजर रिस्क मैनेजमेंट पर भी है। RBI की सख्ती और डिजिटल लेंडिंग गाइडलाइन्स के कारण अनुपालन (compliance) का खर्च बढ़ा है, जिससे छोटी NBFCs के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव आ सकता है। इसके अलावा, जलवायु परिवर्तन (climate volatility) एक बड़ी चुनौती है। खेती और उससे जुड़ी गतिविधियों पर मौसम का सीधा असर पड़ता है, जो लेंडर्स की एसेट क्वालिटी को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में लेंडर्स के लिए क्लाइमेट-रिस्क एनालिटिक्स और इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स को अपने पोर्टफोलियो में जोड़ना आने वाले समय में बेहद जरूरी होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.