Viksit Bharat 2047: 'विकसित भारत' के लिए **10%** की रफ्तार जरूरी, NABARD चीफ का बड़ा रोडमैप

ECONOMY
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
Viksit Bharat 2047: 'विकसित भारत' के लिए **10%** की रफ्तार जरूरी, NABARD चीफ का बड़ा रोडमैप

NABARD चेयरमैन शाजी केवी ने देश को 2047 तक 'विकसित भारत' बनाने के लिए **9-10%** की निरंतर आर्थिक विकास दर का लक्ष्य रखा है। उन्होंने ग्रामीण कर्ज वितरण में बदलाव और डिजिटल सुरक्षा को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने पर जोर दिया है।

भारत को 'विकसित भारत 2047' के सपने को पूरा करने के लिए अगले दो दशकों तक हर साल 9% से 10% की आर्थिक विकास दर बनाए रखनी होगी। NABARD के चेयरमैन शाजी केवी ने साफ किया है कि इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल करने के लिए सिर्फ निवेश ही काफी नहीं है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था के प्रबंधन के तरीके में बुनियादी बदलाव लाना जरूरी है।

बैंकिंग और क्रेडिट का बदलता स्वरूप

इस आर्थिक रणनीति का एक मुख्य हिस्सा ग्रामीण और अर्ध-शहरी भारत में कर्ज देने के तरीके को बदलना है। फिलहाल, बैंकिंग सेक्टर काफी हद तक कोलैटरल (गिरवी) पर टिका है। लेकिन अब समय आ गया है कि बैंकों को 'कैश-फ्लो बेस्ड लेंडिंग' की ओर बढ़ना चाहिए। यानी किसी की संपत्ति देखने के बजाय उसकी कमाई और बिजनेस क्षमता के आधार पर लोन देना। इस मॉडल और वैल्यू-चेन फाइनेंसिंग के जरिए MSMEs और ग्रामीण कारोबारियों को आसानी से क्रेडिट मिल सकेगा, जो देश की उत्पादकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

साइबर सुरक्षा: अब नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर का हिस्सा

जैसे-जैसे भारत का फाइनेंशियल सेक्टर डिजिटल हो रहा है, जोखिम भी बढ़ रहे हैं। NABARD चीफ के मुताबिक, साइबर सुरक्षा अब सिर्फ IT का मुद्दा नहीं, बल्कि देश के आर्थिक बुनियादी ढांचे (Infrastructure) का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। छोटे सहकारी बैंक और वित्तीय संस्थान, जिनके पास बड़े बैंकों जैसी सुरक्षा व्यवस्था नहीं है, वे बड़े साइबर खतरों की जद में हैं। शाजी केवी ने चेतावनी दी कि अगर इन छोटे संस्थानों को सुरक्षित नहीं किया गया, तो यह पूरे वित्तीय तंत्र के लिए एक बड़ा सिस्टमैटिक रिस्क बन सकता है।

क्षेत्रीय तरलता और आर्थिक विकास

केरल का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि कैसे वहां ₹10.6 लाख करोड़ से ज्यादा की कमर्शियल बैंक डिपॉजिट्स को सही दिशा में इस्तेमाल किया जा रहा है। लक्ष्य यही है कि पारंपरिक उद्योगों से आगे बढ़कर हेल्थकेयर, टूरिज्म और स्पेशलाइज्ड फाइनेंस जैसे आधुनिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ाया जाए। बैंकिंग सेक्टर की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वे कितनी तेजी से डिजिटल मानकों को अपनाते हैं और लोन बुक की क्वालिटी को बनाए रखते हुए क्रेडिट ग्रोथ को रफ्तार देते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.