Adani Airport Holdings ने मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 को 25 अक्टूबर, 2026 से बंद करने का ऐलान किया है। इस रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का लक्ष्य कैपेसिटी को **33%** तक बढ़ाना है, लेकिन एयरलाइंस के साथ बढ़ते विवाद ने कंपनी की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
रिडेवलपमेंट का मास्टर प्लान
Adani Airport Holdings, जो छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट का संचालन करती है, ने साफ कर दिया है कि टर्मिनल 1 के आधुनिकीकरण का काम जनवरी 2027 में शुरू होगा। 60 साल पुरानी इस बिल्डिंग की सेफ्टी को लेकर लंबे समय से सवाल उठ रहे थे, खासकर अप्रैल 2026 में लगी आग की घटना के बाद। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर एयरपोर्ट की सालाना क्षमता 15 मिलियन यात्रियों से बढ़कर 20 मिलियन यात्री प्रति वर्ष हो जाएगी।
एयरलाइंस के साथ तनातनी
इस फैसले ने एविएशन सेक्टर में हलचल मचा दी है। टर्मिनल 1 बंद होने के कारण डोमेस्टिक फ्लाइट्स को शिफ्ट करना पड़ रहा है, जिससे टर्मिनल 2 पर भी दबाव बढ़ गया है। ऑपरेटर ने टर्मिनल 2 से 265 वीकली इंटरनेशनल स्लॉट्स कम करने का आदेश दिया है। इस बदलाव से सबसे ज्यादा असर IndiGo जैसी बड़ी एयरलाइंस पर पड़ रहा है, जिसे अपनी 74 वीकली फ्लाइट्स में कटौती करनी पड़ सकती है। एयरलाइंस इस शिफ्ट को नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक ले जाने में भारी चुनौतियों का सामना कर रही हैं।
कंपनी की डैमेज कंट्रोल रणनीति
विवाद को ठंडा करने के लिए एडानी ग्रुप ने 'फाइनेंशियल इंसेंटिव्स' का रास्ता चुना है। ऑपरेटर ने नई नवी मुंबई सुविधा पर लैंडिंग फीस माफ करने और पैसेंजर इंसेंटिव देने का वादा किया है ताकि ट्रांजिशन के दौरान एयरलाइंस का सहयोग बना रहे।
इन्वेस्टर्स के लिए क्या है संकेत?
इन्वेस्टर्स के लिए चुनौती केवल कंस्ट्रक्शन नहीं, बल्कि एयरलाइंस के साथ तालमेल बिठाना है। क्या ऑपरेटर बिना किसी सर्विस डिसरप्शन के इस ट्रांजिशन को मैनेज कर पाएगा? बाजार की नजर अब 25 अक्टूबर, 2026 को होने वाली इस बड़ी शिफ्ट और उसके बाद के ऑपरेशनल रिस्पॉन्स पर टिकी है।
