प्रधानमंत्री Narendra Modi ने 'राष्ट्रीय एकता दिवस' पर देश की आंतरिक सुरक्षा और आर्थिक मजबूती पर अहम जानकारी दी। नक्सलवाद का प्रभाव लगभग खत्म होने और गरीबी में भारी गिरावट के दावों के साथ सरकार ने 'Viksit Bharat 2047' के विजन को फिर से दोहराया है।
सुरक्षा का सुधरता परिदृश्य और इन्फ्रा सेक्टर
सरकार ने ऐलान किया है कि देश से वामपंथी उग्रवाद का प्रभाव पूरी तरह खत्म हो गया है। साल 2015 में जहां 126 जिले इससे प्रभावित थे, वहीं 2026 की शुरुआत तक यह आंकड़ा शून्य हो गया है। इस सुरक्षा सुधार का सीधा फायदा माइनिंग, पावर और लॉजिस्टिक्स जैसे सेक्टर को मिलेगा। जब इन क्षेत्रों में परिचालन का जोखिम कम होता है, तो कंपनियों के प्रोजेक्ट समय पर पूरे होने की संभावना बढ़ जाती है।
गरीबी में कमी और खपत का बढ़ता बाजार
वर्ल्ड बैंक के आंकड़ों का हवाला देते हुए पीएम ने बताया कि पिछले एक दशक में भारत में गंभीर गरीबी 27% से गिरकर 3% से नीचे आ गई है। मार्केट एक्सपर्ट्स इसे कंजम्पशन-ड्रिवेन सेक्टर जैसे FMCG, बैंकिंग और रिटेल के लिए एक बड़े पॉजिटिव सिग्नल की तरह देख रहे हैं। ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में बढ़ती डिस्पोजेबल इनकम कंपनियों के लॉन्ग-टर्म ग्रोथ प्लान के लिए शुभ संकेत है।
'Viksit Bharat' का विजन और राजनीतिक चुनौतियां
सरकार ने 2047 तक भारत को विकसित बनाने का अपना एजेंडा सामने रखा है। हालांकि, पीएम ने विपक्ष को 'अवरोध पक्ष' बताते हुए राजनीतिक घर्षण का संकेत भी दिया है। निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि संसद में नीतिगत बदलाव या बिल पास होने में देरी सीधे तौर पर कैपिटल स्पेंडिंग और प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन को प्रभावित कर सकती है।
अंत में, ग्लोबल एनर्जी कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच घरेलू फ्यूल प्राइसेज को नियंत्रित रखना मैन्युफैक्चरिंग और एनर्जी कंपनियों के मार्जिन के लिए एक महत्वपूर्ण मॉनिटरेबल फैक्टर बना हुआ है। आने वाले समय में इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स की रफ्तार और कंज्यूमर स्पेंडिंग ट्रेंड ही कॉर्पोरेट अर्निंग्स की दिशा तय करेंगे।
