सड़क परिवहन मंत्रालय (MoRTH) टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले स्थानीय लोगों के लिए एक नया 'एनुअल FASTag पास' लाने की तैयारी में है। इससे हर महीने लगने वाले ₹350 के बोझ से मुक्ति मिलेगी और सालाना खर्च ₹3,000 हो जाएगा।
राहत और नया गणित
सड़क परिवहन मंत्रालय (MoRTH) के इस कदम का सीधा फायदा उन लोगों को होगा जो टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहते हैं। मौजूदा सिस्टम में लोगों को हर महीने ₹350 देने पड़ते हैं, जो सालभर में ₹4,200 बैठते हैं। नए प्रस्ताव के तहत अब यह खर्च घटकर ₹3,000 हो जाएगा, यानी सीधे 28% की बचत। यह पहल डिजिटल टोलिंग को बढ़ावा देने के लिए लाई जा रही है।
टोल ऑपरेटर्स और निवेशकों पर असर
इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनियों और टोल रोड ऑपरेटर्स के लिए यह खबर अहम है। डिस्काउंटेड पास के कारण ऑपरेटर्स के ग्रॉस टोल रेवेन्यू में कमी आएगी। हालांकि, सरकार ने इसके लिए एक मुआवजा (compensation) सिस्टम बनाया है, लेकिन निवेशकों के लिए यह देखना जरूरी है कि सरकार की तरफ से यह पेमेंट कितनी तेजी से होता है। अगर मुआवजे में देरी होती है, तो ऑपरेटर्स के कैश फ्लो पर दबाव बढ़ सकता है।
डिजिटल बदलाव की दिशा में कदम
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) का लक्ष्य अब टोल प्लाजा पर लगने वाली भीड़ को पूरी तरह खत्म करना है। यह नीति भविष्य में आने वाले Multi-Lane Free Flow (MLFF) और GNSS बेस्ड टोलिंग सिस्टम की एक कड़ी है।
इन्वेस्टर्स को अब यह ट्रैक करना चाहिए कि कैसे ये नए नियम लंबे समय में हाईवे प्रोजेक्ट्स के वैल्यूएशन को प्रभावित करेंगे। अगली नजर फाइनल नोटिफिकेशन और सरकार द्वारा तय किए जाने वाले मुआवजे के फॉर्मूले पर होनी चाहिए, जो इस सेक्टर के शेयरों के लिए एक मुख्य ट्रिगर साबित होगा।
