आयोवा के ली काउंटी में एस्सार ग्रुप (Essar Group) की सब्सिडियरी Mesabi Metallics द्वारा **$15 अरब** के मेगा स्टील प्लांट की घोषणा पर मार्केट में चिंताएं बढ़ गई हैं। इस प्रोजेक्ट को **$1.36 अरब** की टैक्स इंसेंटिव मिली है, लेकिन इसकी सफलता और आर्थिक व्यवहार्यता (viability) पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा घोषित इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को $1.36 अरब की राज्य टैक्स छूट का समर्थन मिला है। लेकिन इस ऐलान के बाद से ही एक्सपर्ट्स इसकी लॉन्ग-टर्म वायबिलिटी पर संशय जता रहे हैं।
टैरिफ का असर और बढ़ती लागत
प्रशासन ने स्टील इम्पोर्ट पर 50% टैरिफ लगा रखा है। इससे घरेलू मार्केट में हॉट-रोल्ड स्टील की कीमत $1,293 प्रति मीट्रिक टन तक पहुंच गई है, जबकि वेस्टर्न यूरोप में यह भाव महज $842 है। इस भारी अंतर से John Deere जैसी मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों की प्रोडक्शन कॉस्ट बढ़ गई है, जो उनके प्रॉफिट मार्जिन के लिए बड़ा रिस्क है।
एग्जीक्यूशन और हिस्ट्री पर खतरा
निवेशकों के बीच सबसे बड़ी चिंता प्रोजेक्ट की जमीन पर काम शुरू न होने को लेकर है। न तो साइट पर कोई कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी दिख रही है और न ही जमीन का अधिग्रहण पूरा हुआ है। साथ ही, एस्सार ग्रुप का पुराना ट्रैक रिकॉर्ड भी निवेशकों को डरा रहा है, क्योंकि कंपनी की पिछली अमेरिकी माइनिंग वेंचर्स बैंकप्ट (दिवालिया) हो चुकी हैं।
कैपेसिटी ओवरसप्लाई का डर
फेडरल रिजर्व के डेटा के अनुसार, स्टील सेक्टर में कैपेसिटी यूटिलाइजेशन अभी भी ऐतिहासिक औसत से कम है। ऐसे में 7.5 मिलियन मीट्रिक टन की नई सालाना कैपेसिटी जोड़ने से मार्केट में ओवरसप्लाई (oversupply) का संकट खड़ा हो सकता है, खासकर तब जब इंफ्रास्ट्रक्चर डिमांड आने वाले वर्षों में धीमी होने के संकेत दे रही है।
अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह प्रोजेक्ट जमीन पर उतर पाएगा या फिर इसे सिर्फ सरकारी प्रोत्साहन के सहारे ही सीमित रखा जाएगा।
