ग्लोबल टेंशन के चलते ब्रेंट क्रूड **$113.50** के पार पहुंच गया है, जिसका असर भारतीय बाजारों पर दिख रहा है। जहां एक ओर Hatsun Agro ने शानदार प्रदर्शन किया है, वहीं HPCL के नतीजों ने निराश किया है और eMudhra के शेयर दबाव में हैं।
शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में रिकवरी के संकेत दिख रहे हैं और GIFT Nifty भी बढ़त के साथ खुलने के संकेत दे रहा है। हालांकि, क्रूड ऑयल के बढ़ते दामों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। सऊदी अरब में बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों के चलते ब्रेंट क्रूड $113.50 प्रति बैरल तक पहुंच गया है, जिससे महंगाई और सप्लाई चेन बिगड़ने का खतरा बढ़ गया है।
ईंधन कंपनियों पर तेल की मार
एनर्जी सेक्टर की कंपनियों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) का सितंबर तिमाही का मुनाफा 9% गिर गया है। क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज उछाल के कारण कंपनियों के मार्केटिंग मार्जिन पर भारी दबाव है क्योंकि बढ़ी हुई लागत का बोझ पूरी तरह से ग्राहकों पर डालना मुश्किल हो रहा है। इसके अलावा, ऊंचे टैक्स ने भी कंपनी के बॉटम लाइन पर चोट की है।
eMudhra और Hatsun Agro का हाल
आज के बाजार में व्यक्तिगत खबरों के चलते काफी उठापटक है। eMudhra के शेयरों में पिछले दो सत्रों में 36% की बड़ी गिरावट आई है। यह बिकवाली कंपनी के उस फैसले के बाद आई है जिसमें उन्होंने अपने वेबसाइट सिक्योरिटी डिवीजन को बंद करने का ऐलान किया है। यह फैसला सॉफ्टवेयर में कुछ गंभीर खामियों के चलते लिया गया है, जिससे निवेशकों का भरोसा डगमगा गया है।
इसके उलट, डेयरी सेक्टर में चमक दिख रही है। Hatsun Agro का दूसरी तिमाही का मुनाफा 5.5% बढ़कर ₹116 करोड़ हो गया है। कंपनी ने 20% की रेवेन्यू ग्रोथ भी दर्ज की है, जो मुश्किल दौर में भी मांग में मजबूती का सबूत है।
आगे क्या करें निवेशक?
इस हफ्ते Nifty 50 और Sensex में लगभग 2% की गिरावट आई है। ऐसे में बाजार काफी संवेदनशील बना हुआ है। निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी होगी कि क्या तेल की कीमतें स्थिर होती हैं या महंगाई का संकट और गहराता है। कंपनियों के मैनेजमेंट की कमेंट्री अब यह तय करेगी कि मार्जिन के दबाव को वे कैसे संभालते हैं।
