Market Update: क्रूड ऑयल में नरमी से बाजार को सहारा, Tata Sons और BEL पर रखें नजर

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AuthorNeha Patil|Published at:
Market Update: क्रूड ऑयल में नरमी से बाजार को सहारा, Tata Sons और BEL पर रखें नजर

क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट के चलते भारतीय शेयर बाजार आज सकारात्मक शुरुआत की ओर हैं। हालांकि, IPOs में पैसा फंसने और FIIs की बिकवाली का दबाव बना हुआ है। आज के सत्र में Tata Sons के अपडेट्स और BEL व GPT Infraprojects के नए ऑर्डर्स मुख्य आकर्षण रहेंगे।

शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में बाजार का रुख थोड़ा सकारात्मक दिख रहा है। क्रूड ऑयल की कीमतें $104 प्रति बैरल के पास आ गई हैं, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक राहत की खबर है। हालांकि, कीमतें $100 के ऊपर बनी हुई हैं, जिसके कारण महंगाई और आयात लागत को लेकर निवेशकों की चिंताएं अभी थमी नहीं हैं।

बाजार पर प्राइमरी मार्केट का दबाव

ग्लोबल संकेत भले ही सुधर रहे हों, लेकिन प्राइमरी मार्केट में जारी IPO की बाढ़ ने बाजार की लिक्विडिटी को सोख लिया है। इसके साथ ही, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार 7 दिनों की बिकवाली ने भी बाजार की तेजी पर ब्रेक लगा रखा है।

Tata Group और बड़ी कंपनियों पर फोकस

टाटा ग्रुप में हलचल तेज है। N. Chandrasekaran के चेयरमैन पद पर दोबारा नियुक्ति और ग्रुप की लिस्टिंग को लेकर आ रहे संकेतों पर मार्केट की नजर है। साथ ही, Shapoorji Pallonji Group द्वारा होल्डिंग कंपनी में हिस्सेदारी बेचने की खबरों ने भी बाजार का ध्यान खींचा है।

दमदार ऑर्डर्स की बौछार

ऑर्डर बुक के मामले में Bharat Electronics (BEL) ने अगस्त के अंत से अब तक ₹648 करोड़ के नए ऑर्डर्स हासिल किए हैं। वहीं, GPT Infraprojects ने ₹484 करोड़ का बड़ा प्रोजेक्ट अपने नाम किया है। इसके अलावा, PTC India और NLC India Renewables ने NIRL PTC Renewables नाम से एक जॉइंट वेंचर शुरू किया है, जिसमें PTC India की 25% हिस्सेदारी है।

SEBI की बड़ी कार्रवाई

रेगुलेटरी मोर्चे पर, SEBI ने Kore Digital पर शिकंजा कस दिया है। कंपनी को पब्लिक से फंड जुटाने से रोक दिया गया है और मेन बोर्ड पर लिस्टिंग की प्रक्रिया को भी फिलहाल के लिए टाल दिया गया है। यह कार्रवाई कंपनी में कथित वित्तीय अनियमितताओं के चलते की गई है, जो निवेशकों के लिए गवर्नेंस को लेकर एक बड़ी चेतावनी है।

आने वाले दिनों में बाजार की चाल FIIs के फ्लो और कंपनियों द्वारा लिए गए ऑर्डर्स के एग्जीक्यूशन पर निर्भर करेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.