एक्टिविस्ट Manoj Jarange-Patil ने मराठा आरक्षण की मांग को लेकर 15 सितंबर, 2026 से जालना से मुंबई तक पैदल मार्च का ऐलान किया है। यह प्रदर्शन 19 सितंबर से आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल में बदल जाएगा, जो गणेशोत्सव के दौरान यातायात और व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकता है।
आंदोलन का पूरा रूट और रूपरेखा
मराठा आरक्षण की मांग एक बार फिर जोर पकड़ रही है। एक्टिविस्ट Manoj Jarange-Patil ने जालना के अंतरवाली सराटी से मुंबई तक के राज्यव्यापी मार्च की घोषणा की है। यह मार्च 15 सितंबर, 2026 को शुरू होकर विभिन्न जिलों से होते हुए 19 सितंबर को मुंबई पहुंचेगा, जहां कार्यकर्ता आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे।
गणेशोत्सव और लॉजिस्टिकल चुनौतियां
यह आंदोलन 14 सितंबर से 25 सितंबर के बीच होने वाले गणेशोत्सव के दौरान हो रहा है। मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में भारी भीड़ को देखते हुए, इस मार्च से मुंबई-पुणे कॉरिडोर सहित कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक और लॉजिस्टिकल समस्याएं पैदा होने की पूरी आशंका है।
मुख्य मांगें और कानूनी स्थिति
आंदोलन का मुख्य केंद्र पात्र मराठों को ऐतिहासिक दस्तावेजों के आधार पर Kunbi जाति प्रमाण पत्र जारी करने की मांग है। इस बीच, Bombay High Court ने इस मार्च को रोकने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि केवल आशंका के आधार पर शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार को सीमित नहीं किया जा सकता। राज्य प्रशासन अब कानून-व्यवस्था बनाए रखने और प्रदर्शन के अधिकार के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है।
