Manipur Audit: सरकारी खजाने में फंसा ₹8,927 करोड़ का फंड, 138 प्रोजेक्ट्स अधर में

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Manipur Audit: सरकारी खजाने में फंसा ₹8,927 करोड़ का फंड, 138 प्रोजेक्ट्स अधर में

कैग (CAG) की ताजा रिपोर्ट ने मणिपुर के वित्तीय प्रबंधन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में राज्य का **₹8,927.55 करोड़** का बजट खर्च ही नहीं हो पाया, जिससे विकास कार्यों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है।

कैग की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य का सेविंग्स रेट 23.88% रहा है, जो यह दर्शाता है कि सरकारी योजनाओं और जमीनी हकीकत के बीच कितना बड़ा फासला है।

इंफ्रास्ट्रक्चर और कैपिटल एक्सपेंडिचर का हाल

रिपोर्ट का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा कैपिटल एक्सपेंडिचर है। सड़कों और पुलों जैसे बुनियादी ढांचे के लिए आवंटित ₹8,989.60 करोड़ में से सरकार सिर्फ ₹2,704.23 करोड़ ही खर्च कर पाई है। यानी ₹6,200 करोड़ से ज्यादा का फंड इस्तेमाल ही नहीं हुआ, जो प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिलने और उनके क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को साफ दिखाता है। कुल 138 इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स अभी भी अधूरे पड़े हैं, जिनमें ₹473.53 करोड़ की सरकारी रकम फंसी हुई है। इससे ठेकेदारों के लिए लिक्विडिटी का संकट और काम पूरा होने में देरी जैसी दिक्कतें पैदा हो रही हैं।

बढ़ता कर्ज और वित्तीय दबाव

राज्य की आर्थिक सेहत चिंताजनक है क्योंकि साल के अंत तक कुल पब्लिक डेट (Debt) बढ़कर ₹16,193.78 करोड़ तक पहुंच गया है। बढ़ता कर्ज नए डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के लिए फंड जुटाने में मुश्किलें खड़ी कर सकता है। अब देखना यह है कि राज्य सरकार इस वित्तीय कमी और अटके हुए प्रोजेक्ट्स पर क्या एक्शन लेती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.