महाराष्ट्र टैक्स अधिकारियों ने **19 अक्टूबर** से **24 अक्टूबर** के बीच United Spirits की सुविधाओं की तलाशी ली है। यह जांच बल्क स्कॉच व्हिस्की के इंपोर्ट और कस्टम ड्यूटी चोरी के दावों को लेकर की जा रही है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
रेड की वजह क्या है?
महाराष्ट्र के स्टेट टैक्स अधिकारियों ने ग्लोबल लिकर कंपनी Diageo की भारतीय सब्सिडियरी, United Spirits के परिसरों में कई दिनों तक छापेमारी की। इस जांच का मुख्य केंद्र यह पता लगाना है कि क्या कंपनी ने बल्क स्कॉच व्हिस्की को गलत तरीके से लेबल किया था ताकि उसे कम कस्टम ड्यूटी चुकानी पड़े।
बढ़ रही है नियामक (Regulatory) सख्ती
यह कार्रवाई शराब सेक्टर पर बढ़ते सरकारी दबाव का हिस्सा है। इसी महीने की शुरुआत में, डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने United Spirits और उसकी प्रतियोगी Pernod Ricard के यहां भी तलाशी ली थी। यह पूरी कवायद जुलाई में हुए भारत-यूके ट्रेड एग्रीमेंट के बाद शुरू हुई है, जिसमें स्कॉच पर इंपोर्ट ड्यूटी 150% से घटाकर 75% कर दी गई थी। सरकार को संदेह है कि कंपनियां इस टैक्स लाभ का गलत फायदा उठाने के लिए इंपोर्ट क्लासिफिकेशन में गड़बड़ी कर रही हैं।
बाजार पर असर
कंपनी ने दावा किया है कि इस छापेमारी का उसके कामकाज पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, कंपनी पहले से ही मुश्किलों से जूझ रही है। हालिया तिमाही नतीजों में, उसके पॉपुलर सेगमेंट की सेल में 22.7% की गिरावट दर्ज की गई थी, जिसका एक बड़ा कारण महाराष्ट्र में प्रतिकूल टैक्स नीतियां बताई जा रही हैं।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
शेयरधारकों की नजर अब टैक्स विभाग की जांच के नतीजे पर है। यदि गड़बड़ी साबित होती है, तो कंपनी पर भारी पेनल्टी लग सकती है और उसे पुरानी बकाया ड्यूटी भी चुकानी पड़ सकती है, जिससे कैश फ्लो पर असर पड़ेगा। अब यह देखना होगा कि कंपनी का मैनेजमेंट इस बढ़ते नियामक दबाव को कैसे संभालता है।
