Maharashtra Drought: सूखे से निपटने के लिए महाराष्ट्र सरकार सख्त, अधिकारियों की छुट्टियां रद्द

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Maharashtra Drought: सूखे से निपटने के लिए महाराष्ट्र सरकार सख्त, अधिकारियों की छुट्टियां रद्द

महाराष्ट्र सरकार ने कृषि और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं ताकि सूखा राहत कार्यों में तेजी लाई जा सके। राज्य ने संभावित फसल नुकसान से निपटने के लिए 'ट्रिगर 1' प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिया है।

महाराष्ट्र सरकार ने कृषि, राजस्व और जल संसाधन जैसे महत्वपूर्ण विभागों के कर्मचारियों के लिए छुट्टियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जलापूर्ति प्रबंधन और फसल मूल्यांकन जैसे राहत कार्य बिना किसी देरी के चलते रहें।\n\n### ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर\n\nसूखे की इस स्थिति का सीधा असर राज्य के ग्रामीण सेक्टर पर पड़ रहा है। कपास, सोयाबीन और दालों जैसी प्रमुख खरीफ फसलों की पैदावार प्रभावित होने की आशंका है। कृषि आय में कमी आने से ग्रामीण मांग पर दबाव बन सकता है, जिसका सीधा असर टू-व्हीलर, ट्रैक्टर और एफएमसीजी (FMCG) कंपनियों के बिजनेस पर पड़ना तय है। निवेशक अब फसल नुकसान की रिपोर्ट पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं।\n\n### सरकार का 'ट्रिगर 1' एक्शन प्लान\n\nमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मौजूदा स्थिति को एक बड़ी चुनौती बताया है। राज्य ने केंद्र की मदद का इंतजार किए बिना खुद ही 'ट्रिगर 1' राहत प्रोटोकॉल लागू कर दिया है। वाशिम (Washim) जिले को विशेष फोकस एरिया बनाया गया है।\n\nसरकार 25 सितंबर, 2026 को एक औपचारिक राहत पैकेज लाने की तैयारी में है। इसमें लोन रीस्ट्रक्चरिंग और चारा प्रबंधन जैसे उपाय शामिल होंगे ताकि किसान समुदाय को राहत मिल सके। फिलहाल पूरा प्रशासनिक तंत्र फसल के नुकसान का सटीक आकलन करने में जुटा है ताकि वित्तीय सहायता सही तरीके से पहुंचाई जा सके।

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