MBA vs B.Tech: इंजीनियरिंग पर भारी MBA की सैलरी, 2027 तक बढ़कर **59%** होगी प्रीमियम

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AuthorNeha Patil|Published at:
MBA vs B.Tech: इंजीनियरिंग पर भारी MBA की सैलरी, 2027 तक बढ़कर **59%** होगी प्रीमियम

Deloitte India की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2027 तक MBA करने वालों की सैलरी इंजीनियरिंग डिग्री होल्डर्स से **59%** ज्यादा होने का अनुमान है। कंपनियां अब तकनीकी कौशल के साथ बिज़नेस स्ट्रेटजी समझने वाले टैलेंट पर भारी पैसा खर्च कर रही हैं।

भारत में जॉब मार्केट तेजी से बदल रहा है। अब कंपनियां सिर्फ कोडर्स नहीं, बल्कि ऐसे प्रोफेशनल्स की तलाश में हैं जो टेक्नोलॉजी और बिज़नेस की भाषा को एक साथ समझ सकें। Deloitte India की लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में यह सैलरी गैप 47% था, जो 2026 में बढ़कर 52% हो गया और अब 2027 तक इसके 59% तक पहुंचने का अनुमान है।

क्यों बढ़ रही है डिमांड?

कॉर्पोरेट जगत अब ऐसे 'ट्रांसलेटर्स' की तलाश में है जो AI और डेटा एनालिटिक्स के जरिए सीधे कंपनी के मुनाफे में योगदान दे सकें। 250 कंपनियों के डेटा से पता चलता है कि वे ऐसे प्रोफेशनल्स के लिए एक्स्ट्रा प्रीमियम देने को तैयार हैं, जो नेतृत्व क्षमता (Leadership) और कमर्शियल समझ रखते हों।

सैलरी का गणित (Salary Breakdown)

इन्वेस्टर्स के लिए यह समझना जरूरी है कि बाजार में टैलेंट का बंटवारा काफी गहरा है:

  • टॉप बिज़नेस स्कूल: औसतन पैकेज ₹27.4 लाख प्रति वर्ष है।
  • टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज: औसतन पैकेज ₹18.7 लाख प्रति वर्ष है।
  • लोअर-टियर कॉलेज: यहाँ भी MBA का औसत पैकेज ₹8.4 लाख है, जबकि इंजीनियरिंग का ₹5.75 लाख है।

स्किल्स का प्रीमियम

अगर किसी कैंडिडेट के पास AI और डेटा एनालिटिक्स में एक्सपर्टीज है, तो वे अपनी सैलरी पर 20-25% तक का एडिशनल इंक्रीमेंट पा सकते हैं। वहीं, प्रॉब्लम-सॉल्विंग स्किल्स रखने वालों को 10-15% का प्रीमियम मिलता है। हालांकि, आईटी और लीगेसी सेक्टर में सुस्ती के कारण हायरिंग ट्रेंड्स हर जगह एक जैसे नहीं हैं। कंपनियों के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती इन महंगे टैलेंट्स की प्रोडक्टिविटी को बनाए रखना है ताकि वे लंबे समय में कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन को बढ़ा सकें।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.