Latur Incident: डिजिटल लेंडिंग की बढ़ती मुसीबतें, अनसिक्योर्ड लोन पर RBI की टेढ़ी नजर

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AuthorAditya Rao|Published at:
Latur Incident: डिजिटल लेंडिंग की बढ़ती मुसीबतें, अनसिक्योर्ड लोन पर RBI की टेढ़ी नजर

लातूर में एक 28 वर्षीय मजदूर की मौत के मामले ने देश के डिजिटल लेंडिंग सेक्टर की पोल खोल दी है। रिकवरी के नाम पर उत्पीड़न और बढ़ते कर्ज के बोझ ने निवेशकों के लिए जोखिम की घंटी बजा दी है।

महाराष्ट्र के लातूर में हुई एक दुखद घटना ने डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म्स के काम करने के तरीके पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि कर्ज चुकाने के भारी दबाव के कारण एक मजदूर ने जान दे दी, जिसका कनेक्शन चार अलग-अलग फाइनेंशियल कंपनियों से बताया जा रहा है। हालांकि 'Ring' ऐप की भूमिका पर जांच चल रही है, लेकिन इस घटना ने पूरी इंडस्ट्री की नैतिकता पर बहस छेड़ दी है।

अनसिक्योर्ड क्रेडिट का सिस्टमैटिक रिस्क

आंकड़े बताते हैं कि करीब 60% कर्जदार अपनी पूरी मासिक कमाई सिर्फ EMI चुकाने में खर्च कर रहे हैं। बिना कोलैटरल (collateral) के लोन मिलने के कारण कम आय वाले लोग कर्ज के जाल में फंसते जा रहे हैं। निवेशकों के लिए यह एक बड़ा संकेत है, क्योंकि जब कर्जदार पुराने लोन चुकाने के लिए नया कर्ज लेता है, तो लेंडर का 'लोन बुक' खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। इसका सीधा असर NBFCs और फिनटेक कंपनियों के मुनाफे और एनपीए (NPA) पर पड़ता है।

RBI की सख्ती और रिकवरी के तरीके

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) लगातार डिजिटल लेंडर्स पर लगाम कस रहा है। रिकवरी एजेंट्स द्वारा की जाने वाली बदसलूकी और उत्पीड़न पर RBI पहले ही स्पष्ट गाइडलाइंस जारी कर चुका है। जो कंपनियां इन नियमों को तोड़ती हैं, उनके लाइसेंस रद्द होने या भारी जुर्माने का खतरा बना रहता है। ऐसी कंपनियों को अब अनुपालन (compliance) और मॉनिटरिंग सिस्टम पर ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है, जिससे उनका मार्जिन दबाव में है।

निवेशकों को क्या देखना चाहिए?

आने वाले समय में उन कंपनियों पर नजर रखें जो अपने रिकवरी प्रोसेस को कैसे मैनेज कर रही हैं। लेंडर्स अब हाई-क्वालिटी ग्राहकों पर फोकस कर रहे हैं या फिर अनसिक्योर्ड सेगमेंट में आक्रामक विस्तार जारी रखेंगे, यह देखना बेहद जरूरी है। पोर्टफोलियो में किसी भी कंपनी को शामिल करने से पहले यह जांच लें कि कहीं वे रेगुलेटरी जांच के घेरे में तो नहीं हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.