Aditya Birla Group के चेयरमैन Kumar Mangalam Birla ने Bloomberg New Economy Forum में स्पष्ट किया है कि कंपनियों के लिए लगातार ग्रोथ करना अब एक विकल्प नहीं बल्कि जरूरत है। उन्होंने कॉस्ट लीडरशिप और टेक्नोलॉजी में सोच-समझकर निवेश करने पर जोर दिया है।
ग्रोथ क्यों है अनिवार्य?
13 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित Bloomberg New Economy Forum में Kumar Mangalam Birla ने कहा कि आज के दौर में बढ़ती भू-राजनीतिक अस्थिरता और बदलते ग्लोबल ट्रेड के बावजूद बड़ी कंपनियों के लिए अपनी विस्तार योजनाओं (Expansion Plans) को थामना खतरनाक हो सकता है। उनके मुताबिक, मार्केट में अपनी जगह बनाए रखने के लिए निरंतर विकास अनिवार्य है।
कॉस्ट लीडरशिप और टेक्नोलॉजी पर नया रुख
ग्रुप की मैन्युफैक्चरिंग फिलॉसफी अब 'कॉस्ट एफिशिएंसी' पर टिकी है। बिड़ला ने बताया कि कंपनी का लक्ष्य ग्लोबल कॉस्ट कर्व के निचले स्तर पर काम करना है, ताकि अंतरराष्ट्रीय प्राइस वॉर और सप्लाई चेन के झटकों से बचा जा सके।
टेक्नोलॉजी को लेकर उन्होंने एक बड़ा बदलाव किया है। कंपनी अब 'FOMO' (Fear of Missing Out) में आकर AI या किसी भी नई तकनीक में अंधाधुंध पैसा नहीं लगाएगी। अब उनका निवेश 'रिटर्न-फोक्स्ड' होगा, यानी जहां से बिजनेस वैल्यू मिलेगी, पैसा वहीं लगाया जाएगा।
फाइनेंशियल परफॉरमेंस की मजबूती
ग्रुप की अनुशासित ग्रोथ का असर हालिया नतीजों में भी दिख रहा है। Aditya Birla Capital Limited ने FY26 की चौथी तिमाही में ₹1,124 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो साल-दर-साल 30% अधिक है। साथ ही, कंपनी का लेंडिंग पोर्टफोलियो (NBFC और HFC) 32% बढ़कर ₹2,07,368 करोड़ पर पहुंच गया है।
निवेशकों के लिए चुनौतियां
हालांकि ग्रोथ की रफ्तार तेज है, लेकिन निवेशकों को कुछ पहलुओं पर नजर रखनी होगी। भू-राजनीतिक अस्थिरता, बढ़ते टैरिफ और अनिश्चित नीतियों के कारण बिजनेस ऑपरेशंस प्रभावित हो सकते हैं। आने वाले समय में कंपनी के लिए मुख्य चुनौती अपनी प्रॉफिट मार्जिन की स्थिरता और टेक्नोलॉजी से मिलने वाले वास्तविक रिटर्न को साबित करना होगा।
