Kerala Debt Crisis: कर्ज में डूबी सरकार! विधायकों की सैलरी बढ़ाने और नए iPad खरीदने की तैयारी

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AuthorNeha Patil|Published at:
Kerala Debt Crisis: कर्ज में डूबी सरकार! विधायकों की सैलरी बढ़ाने और नए iPad खरीदने की तैयारी

केरल सरकार विधायकों की सैलरी बढ़ाने और **480** नए iPad खरीदने पर विचार कर रही है, जबकि राज्य पर **₹5.07 लाख करोड़** से ज्यादा का कर्ज है। सरकार का **77%** रेवेन्यू सैलरी और ब्याज चुकाने में ही खर्च हो रहा है।

केरल सरकार अपने विधायकों और मंत्रियों की मंथली सैलरी बढ़ाने के एक प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रही है। अगर यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो विधायकों की सैलरी बढ़कर ₹1 लाख और मंत्रियों की सैलरी ₹1.25 लाख प्रति माह हो जाएगी। इसके अलावा, सरकार विधायकों और उनके स्टाफ के लिए 480 नए आईपैड (iPad) खरीदने का टेंडर भी प्रोसेस कर रही है। ये सिफारिशें लंबे समय से लंबित C.N. Ramachandran Nair कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर दी गई हैं।

गंभीर वित्तीय संकट (Fiscal Pressure)

यह फैसला ऐसे वक्त में लिया जा रहा है जब राज्य की माली हालत काफी तंग है। केरल विधानसभा में पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक, राज्य पर कुल कर्ज ₹5.07 लाख करोड़ के पार पहुंच चुका है। इतना ही नहीं, राज्य पर ₹49,000 करोड़ के पेंडिंग बिल और पेमेंट का बोझ भी है।

रेवेन्यू का बड़ा हिस्सा फिक्स्ड खर्चों में

राज्य की कमाई का 77% हिस्सा केवल सरकारी कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और कर्ज के ब्याज चुकाने में निकल जाता है। इनमें से केवल ब्याज भुगतान (Interest Payment) ही कुल रेवेन्यू का 20% से ज्यादा है। फिक्स्ड खर्चों की इस भारी भरकम लिस्ट के कारण सरकार के पास डेवलपमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बहुत कम पैसा बचता है।

इंफ्रास्ट्रक्चर पर असर

राज्य का कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) फिलहाल GSDP का महज 1.3% है। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि जब किसी सरकार के पास कमाई का ज्यादातर हिस्सा सैलरी जैसे खर्चों में ही चला जाता है, तो रोड, ब्रिज और पावर प्रोजेक्ट्स जैसे लॉन्ग-टर्म एसेट्स बनाने के लिए गुंजाइश खत्म हो जाती है। अब निवेशकों की नजरें आने वाले बजट और कर्ज प्रबंधन की रणनीतियों पर टिकी हैं कि सरकार इन नई घोषणाओं का बोझ कैसे उठाएगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.