Karnataka Drought: संकट में कृषि, राज्य सरकार ने मांगी **₹7,142 करोड़** की केंद्रीय मदद

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Karnataka Drought: संकट में कृषि, राज्य सरकार ने मांगी **₹7,142 करोड़** की केंद्रीय मदद

कर्नाटक सरकार ने सूखे की गंभीर स्थिति को देखते हुए केंद्र से **₹7,142.64 करोड़** की राहत राशि की मांग की है। राज्य के **177** तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है, जहां कुल नुकसान **₹46,324.50 करोड़** तक पहुंच गया है।

भारी भरकम नुकसान का अनुमान

कर्नाटक सरकार ने अपनी शुरुआती मांग को बढ़ाते हुए अब केंद्र सरकार से ₹7,142.64 करोड़ की इमरजेंसी सहायता मांगी है। राज्य में फसलों और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का आंकड़ा ₹46,324.50 करोड़ तक पहुंच गया है, जो पहले की तुलना में काफी ज्यादा है।

कृषि संकट की भयावहता

राज्य के कुल 217 तालुकों में से 177 को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया गया है। डिप्टी सीएम डी.के. शिवकुमार के अनुसार, कृष्णा बेसिन के बाहर के जलाशयों में पानी का स्तर बेहद खतरनाक स्थिति में है। कोस्टल और मलनद जैसे इलाकों में भी नमी की भारी कमी देखी जा रही है। किसानों को राहत देने के लिए सरकार ₹2,500 प्रति किसान की डायरेक्ट सहायता बांट रही है, लेकिन बड़े आर्थिक नुकसान से बचने के लिए केंद्रीय हस्तक्षेप जरूरी हो गया है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर

फिलहाल, संयुक्त सचिव अजीत कुमार साहू की अध्यक्षता में एक सेंट्रल इंटर-मिनिस्टीरियल टीम राज्य का दौरा कर रही है। निवेशकों के नजरिए से देखें तो यह स्थिति चिंताजनक है। फसल खराब होने से किसानों की क्रय शक्ति (Purchasing Power) कम होगी, जिसका सीधा असर कंज्यूमर गुड्स, फर्टिलाइजर और कृषि उपकरणों की डिमांड पर पड़ सकता है। अब पूरी नजर नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फंड (NDRF) से मिलने वाली अंतिम मदद पर टिकी है, जो राज्य की रिकवरी की रफ्तार तय करेगी।

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