Karnataka Udyoga Nidhi: नई नौकरियां देने वालों को मिलेगा ₹2,500 महीना, पढ़ें पूरी खबर!

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Karnataka Udyoga Nidhi: नई नौकरियां देने वालों को मिलेगा ₹2,500 महीना, पढ़ें पूरी खबर!

कर्नाटक सरकार ने 'उद्योग निधि' (Udyoga Nidhi) स्कीम लॉन्च की है। इस स्कीम के तहत, राज्य के 10 पिछड़े जिलों में हर नई नौकरी पर **₹2,500** प्रति माह का इंसेंटिव मिलेगा। यह दो साल की सब्सिडी औद्योगिक निवेश को बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों से दूर आकर्षित करने के लिए है।

कर्नाटक सरकार का बड़ा कदम: 'उद्योग निधि' स्कीम की शुरुआत

कर्नाटक सरकार ने औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए एक नई पहल की है। 'उद्योग निधि' (Udyoga Nidhi) नाम की इस स्कीम को लॉन्च किया गया है। इस स्कीम के तहत, राज्य के 10 पहचाने गए पिछड़े जिलों में नए रोजगार सृजित करने वाले उद्यमियों को हर कर्मचारी के लिए ₹2,500 प्रति माह का इंसेंटिव मिलेगा। यह सहायता दो साल की अवधि के लिए दी जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य कंपनियों को बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों के बजाय कम विकसित क्षेत्रों में अपनी यूनिट स्थापित करने या उनका विस्तार करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

'मुख्यमंत्री रोजगार मिशन' का हिस्सा

यह नीति राज्य के व्यापक 'मुख्यमंत्री रोजगार मिशन' का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका लक्ष्य एक लाख रोजगार के अवसर पैदा करना है। सरकार ने 2026-27 तक पिछड़े तालुका के विकास के लिए ₹4,291 करोड़ आवंटित किए हैं। इस रणनीति को प्रो. गोविंद राव समिति की सिफारिशों के आधार पर तैयार किया गया है। इस बदलाव का समर्थन करने के लिए, राज्य पांच ग्लोबल टेक्नोलॉजी सेंटर्स की स्थापना भी कर रहा है। ये सेंटर कलபுर्गी (Kalaburagi), बेलगावी (Belagavi), हुबली-धारवाड़ (Hubballi-Dharwad), मंगलुरु (Mangaluru), और मैसूरु (Mysuru) जैसे क्षेत्रों में स्थापित किए जाएंगे।

प्रतिभा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी फोकस

नई नौकरियां पैदा करने के साथ-साथ, सरकार इस क्षेत्र में प्रतिभा और इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी को भी दूर करने की कोशिश कर रही है। राज्य सरकार अपने संस्थानों में 72,000 रिक्तियों को भरने की तैयारी कर रही है। साथ ही, युवाओं को निजी क्षेत्र की नौकरियों से जोड़ने के लिए 'युवा उद्योग सेतु' (Yuva Udyoga Setu) नाम का एक डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया जा रहा है। इसके अलावा, 100 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को उद्योग की वर्तमान जरूरतों के अनुसार अपग्रेड किया जा रहा है, जिसका लक्ष्य शुरू में 10,000 लोगों को प्लेसमेंट दिलाना है।

निवेशकों के लिए क्या है खास?

निवेशकों और व्यवसायों के लिए, इन इंसेंटिव्स के कार्यान्वयन और पारदर्शिता पर ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा। जहां ₹2,500 प्रति माह की सब्सिडी छोटे और मध्यम उद्यमों (SMEs) को शुरुआती वेतन के दबाव को प्रबंधित करने में मदद कर सकती है, वहीं इन क्षेत्रों में व्यवसायों की दीर्घकालिक व्यवहार्यता विश्वसनीय बिजली, लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन एक्सेस जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर की तत्परता पर निर्भर करेगी। सरकार ₹20,000 करोड़ के अनुमानित निवेश के साथ केम्पेगौडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास एक एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर बनाने की योजना बना रही है, जो इन क्षेत्रीय इंसेंटिव्स के साथ बड़े पैमाने पर औद्योगीकरण के प्रति प्रतिबद्धता दर्शाता है।

आगे क्या?

आने वाली तिमाहियों में, मुख्य निगरानी यह होगी कि ये 10 जिले विनिर्माण या प्रौद्योगिकी इकाइयों की मेजबानी के लिए आवश्यक सहायक इंफ्रास्ट्रक्चर को कितनी तेजी से विकसित करते हैं। निवेशकों को यह देखना होगा कि क्या सरकार नीतिगत घोषणाओं और जमीनी स्तर पर वास्तविक औद्योगिक कमीशनिंग के बीच के अंतर को प्रभावी ढंग से पाट सकती है, खासकर ₹4,291 करोड़ के आवंटन के उपयोग के संबंध में।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.