कर्नाटक सरकार ने बजट की कमी का हवाला देते हुए अपनी प्रमुख योजना Gruha Lakshmi के तहत दो महीने का पेमेंट रोक दिया है। इससे लगभग एक करोड़ लाभार्थियों के **₹4,000 करोड़** बकाया फंस गए हैं।
कर्नाटक सरकार ने हाई कोर्ट को सूचित किया है कि फरवरी और मार्च 2025 के लिए Gruha Lakshmi स्कीम के तहत भुगतान नहीं किए गए हैं। इसका सीधा असर लगभग एक करोड़ लाभार्थियों पर पड़ा है, जिनके ₹4,000 करोड़ के फंड फिलहाल अटके हुए हैं। सरकार का तर्क है कि भारी बजट शॉर्टफॉल के कारण इन वित्तीय दायित्वों को पूरा करना फिलहाल मुश्किल है।
क्या है कानूनी स्टैंड?
एक रिट याचिका के जवाब में सरकार ने स्पष्ट किया है कि सामाजिक कल्याण योजनाएं बजट की उपलब्धता पर निर्भर करती हैं, न कि ये कोई कानूनी अधिकार है। सरकार ने याचिका को खारिज करने की अपील की है, जो यह दर्शाता है कि राज्य फिलहाल वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए खर्चों में कटौती कर रहा है। अगस्त 2023 में लॉन्च की गई यह स्कीम महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के लिए शुरू की गई थी।
फिस्कल प्रेशर और भविष्य की चुनौती
यह मामला राज्य के सामने खड़ी बड़ी आर्थिक चुनौतियों को उजागर करता है। राज्य का फिस्कल डेफिसिट (Fiscal Deficit) जी-एस-डी-पी (GSDP) के 3% की सीमा के आसपास बना हुआ है, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और सामाजिक योजनाओं के बीच बैलेंस बनाना मुश्किल हो रहा है। इसके अलावा, कैग (CAG) द्वारा पहले भी ऑडिट में कुछ विसंगतियां पाई गई थीं, जिन्हें सुधारने के लिए सरकार अब आधार-आधारित पेमेंट सिस्टम का उपयोग कर रही है। अब निवेशकों की नजरें इस पर टिकी हैं कि क्या सरकार इन बकायों को जल्द जारी कर पाएगी और आने वाले बजट में फिस्कल मैनेजमेंट कैसे किया जाएगा।
