कर्नाटक के उद्योग मंत्री एम.बी. पाटिल ने राज्य की औद्योगिक ताकत पर मुहर लगाई है। राज्य को अब तक **₹10.27 लाख करोड़** के निवेश का प्रस्ताव मिला है, जिसे सरकार **75%** तक धरातल पर उतारने की कोशिश में जुटी है।
निवेश की बढ़ती रफ्तार
कर्नाटक लगातार एक प्रमुख इंडस्ट्रियल हब के रूप में उभरा है। इंडिया टुडे कर्नाटक समिट 2026 के दौरान उद्योग मंत्री एम.बी. पाटिल ने साफ किया कि शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स की दिक्कतों के बावजूद, देश-विदेश की बड़ी कंपनियां कर्नाटक को ही प्राथमिकता दे रही हैं। राज्य को मिले ₹10.27 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों में से ₹5 लाख करोड़ पहले ही धरातल पर उतर चुके हैं। सरकार का लक्ष्य इस निवेश को 75% तक कन्वर्जन रेट के साथ हकीकत में बदलने का है।
बड़ी कंपनियों का भरोसा
बाजार में जो शोर-शराबा है, उसके उलट Foxconn, DN Solutions और Krones जैसी दिग्गज कंपनियां राज्य में अपने विस्तार को लेकर पूरी तरह सक्रिय हैं। यह स्पष्ट संकेत है कि पूंजी का प्रवाह कर्नाटक की ओर बना हुआ है।
चुनौतियां और समाधान
मंत्री ने बेंगलुरु के बढ़ते दबाव और ट्रैफिक जैसी समस्याओं को स्वीकार किया है, जो अक्सर निवेशकों की चिंता का विषय होती हैं। इन बाधाओं को दूर करने के लिए सरकार:
- लैंड रिकॉर्ड्स को डिजिटाइज़ कर रही है।
- 'बिल्ट-टू-सूट' इंडस्ट्रियल स्पेस को बढ़ावा दे रही है।
- नई डेटा सेंटर पॉलिसी के जरिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और हाई-कंप्यूटिंग सेक्टर को सपोर्ट कर रही है।
साथ ही, बेंगलुरु मेट्रो को 2027 तक 175 किमी तक बढ़ाने का काम चल रहा है, ताकि वर्कफोर्स की मोबिलिटी आसान हो सके। निवेशकों के लिए अब इन प्रोजेक्ट्स का समय पर पूरा होना और बेंगलुरु बिजनेस कॉरिडोर की प्रगति पर नजर रखना जरूरी होगा।
