6 अक्टूबर 2026 को साउथ कोरियाई मार्केट में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। विदेशी निवेशकों की भारी सेलिंग के चलते KOSPI इंडेक्स **0.89%** टूटकर 7,000 के नीचे आ गया है।
साउथ कोरियाई शेयर बाजार में मंगलवार को भारी उथल-पुथल दिखी। बेंचमार्क KOSPI इंडेक्स 0.89% गिरकर 6,941.39 के स्तर पर बंद हुआ। इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह चिपमेकर कंपनियों के शेयरों में बिकवाली रही, क्योंकि निवेशकों की नजरें अब कंपनियों के आने वाले क्वार्टरली नतीजों पर टिकी हैं।
विदेशी निवेशकों की बड़ी निकासी
बाजार में दबाव का मुख्य कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ओर से की गई बिकवाली है। इन्होंने एक ही सेशन में करीब 1.8 ट्रिलियन वॉन के शेयर बेचे हैं। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़त के कारण ग्लोबल निवेशक टेक वैल्युएशन को लेकर सतर्क हो गए हैं, जिससे वे रिस्की एसेट से पैसा निकाल रहे हैं।
दिग्गज शेयरों का हाल
सेमीकंडक्टर सेक्टर पर सबसे बुरा असर पड़ा है। Samsung Electronics के शेयरों में 1.45% और SK Hynix के शेयरों में 3.69% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इन कंपनियों के नतीजे ग्लोबल सेमीकंडक्टर डिमांड के लिए एक 'बेलवेदर' माने जाते हैं, इसलिए निवेशकों में घबराहट बढ़ गई है।
बाजार में मिला-जुला रुख
जहां एक तरफ KOSPI पर दबाव था, वहीं KOSDAQ इंडेक्स ने बाजी पलटते हुए करीब 3% की बढ़त दिखाई। दूसरी तरफ, बैटरी सेक्टर की दिग्गज कंपनी LG Energy Solution के शेयर 5.12% उछले और POSCO Holdings में भी 2.25% की तेजी देखी गई। यह दिखाता है कि निवेशक चिप सेक्टर से पैसा निकालकर दूसरे ग्रोथ सेक्टर में निवेश कर रहे हैं।
आगे का रास्ता
KOSPI में कंसंट्रेशन रिस्क बना हुआ है क्योंकि इंडेक्स में सेमीकंडक्टर कंपनियों का दबदबा ज्यादा है। इसके अलावा, साउथ कोरियाई वॉन (Won) में कमजोरी भी विदेशी निवेशकों के लिए चिंता का विषय है। अब सबकी निगाहें टेक कंपनियों के तिमाही नतीजों पर हैं, जो बाजार की अगली दिशा तय करेंगे।
