साउथ कोरिया के KOSPI इंडेक्स में गुरुवार को **8%** की जोरदार गिरावट देखी गई, जिससे मार्केट में **20 मिनट** के लिए ट्रेडिंग रोकनी पड़ी। ग्लोबल टेक स्टॉक्स में मची भगदड़ और विदेशी निवेशकों द्वारा **2.9 ट्रिलियन वॉन** की निकासी के बाद बाजार में पैनिक का माहौल है।
गुरुवार को साउथ कोरियाई मार्केट में जबरदस्त हलचल रही, जहां KOSPI इंडेक्स 8% गिरकर 5,528.05 के स्तर पर पहुंच गया। इस अचानक आई गिरावट ने बाजार में पैनिक सेलिंग को रोकने के लिए बनाए गए 'सर्किट ब्रेकर' को एक्टिवेट कर दिया, जिसके चलते 20 मिनट तक कारोबार बंद रखना पड़ा। इस साल यह दसवीं बार है जब बाजार में इस तरह का ब्रेक लगा है।
टेक सेक्टर में भारी गिरावट
इस बिकवाली का सबसे बुरा असर टेक्नोलॉजी सेक्टर पर पड़ा है। Samsung Electronics के शेयरों में 9.70% की गिरावट आई, जबकि SK Hynix का शेयर 11.35% तक लुढ़क गया। इसकी मुख्य वजह AI और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में डिमांड कम होने की आशंका है। इसके अलावा, फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स में आई कमजोरी ने भी निवेशकों का सेंटीमेंट बिगाड़ दिया है।
विदेशी निवेशकों का 'एग्जिट'
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बाजार से 2.9 ट्रिलियन वॉन की बड़ी पूंजी निकाली है। इस भारी आउटफ्लो का असर साउथ कोरियाई करेंसी पर भी पड़ा, जो अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरकर 1,348.2 के स्तर पर पहुंच गई।
आगे क्या?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अब निवेशक सिर्फ काल्पनिक भविष्य के मुनाफे के बजाय 'टेंजिबल इन्फ्रास्ट्रक्चर' पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। आने वाले दिनों में US इन्फ्लेशन डेटा और इंटरेस्ट रेट्स से जुड़े संकेत तय करेंगे कि बाजार संभल पाएगा या नहीं। फिलहाल, टेक कंपनियों के रेवेन्यू एक्सपेक्टेशन्स में बदलाव और सेंट्रल बैंक की पॉलिसी पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।
