KKR के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर Henry McVey ने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ा अनुमान लगाया है। उन्होंने कहा कि भारत की **$4 ट्रिलियन** की इकोनॉमी अगले एक दशक में दोगुनी हो सकती है, जिसका मुख्य श्रेय नीतिगत सुधारों और ऊर्जा क्षेत्र में स्थिरता को जाता है।
सुधारों से मिली मजबूती
KKR के CIO, Henry McVey का मानना है कि पिछले एक दशक में भारत ने जो स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स किए हैं, वे अब रंग ला रहे हैं। उन्होंने GST, इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड और इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश को ग्रोथ का प्रमुख आधार बताया है। भारत की खूबी यह रही है कि उसने क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर घरेलू उपभोक्ताओं पर कम पड़ने दिया, जिससे डिमांड बनी रही।
AI का डर या अवसर?
IT सेक्टर को लेकर बाजार में जो AI का डर है, McVey उसे चुनौती नहीं बल्कि एक नए मौके की तरह देखते हैं। उनके मुताबिक, AI भारतीय IT कंपनियों के लिए ग्रोथ इंजन का काम करेगा और डिलीवरी मॉडल्स में सुधार से कंपनियां मार्केट शेयर खोने के बजाय अपनी वैल्यू बढ़ा सकेंगी।
निवेश के खास सेक्टर्स
KKR की नजरें अब भारत के हेल्थकेयर, एजुकेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर टिकी हैं। ये क्षेत्र बदलते कंजम्पशन पैटर्न का फायदा उठा रहे हैं। हालांकि, वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता और बढ़ती महंगाई जैसे जोखिम अभी भी बने हुए हैं, जिनसे निपटने के लिए सतर्कता जरूरी है।
