नॉर्थ कैरोलिना में आयोजित G20 इनोवेशन मिनिस्ट्रियल में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए Jitin Prasada ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर जोर दिया है। इस बैठक का मकसद तकनीक और वर्कफोर्स डेवलपमेंट में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना है, जो भविष्य में भारतीय टेक सेक्टर की ग्रोथ के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर भारत की धमक
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री Jitin Prasada ने नॉर्थ कैरोलिना के चैपल हिल में आयोजित G20 इनोवेशन मिनिस्ट्रियल में हिस्सा लिया। यहाँ मुख्य चर्चा इस बात पर रही कि कैसे मजबूत पॉलिसी फ्रेमवर्क के जरिए तकनीक आधारित आर्थिक विकास को रफ्तार दी जा सके। मंत्री ने साफ कहा कि देश की इकोनॉमिक ग्रोथ अब सीधे तौर पर इस बात से जुड़ी है कि हम AI जैसी उभरती टेक्नोलॉजी में कैसा टैलेंट तैयार करते हैं।
अंतरराष्ट्रीय साझेदारी और नए रास्ते
सिर्फ मुख्य सत्र ही नहीं, बल्कि Jitin Prasada ने कई हाई-लेवल मीटिंग्स भी कीं:
- यूरोपीय संघ (EU): Henna Virkkunen के साथ डिजिटल फ्रेमवर्क और सहयोग पर चर्चा हुई।
- फ्रांस: Anne Le Henanff के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल टूल्स पर नई साझेदारी की राहें खोजी गईं।
- अफ्रीकी संघ: Gaspard Banyankimbona के साथ मिलकर स्किल-बेस्ड ट्रेनिंग पर काम करने की योजना बनी है।
- जर्मनी: Thomas Jarzombek और Silke Launert के साथ नई दिल्ली और बर्लिन के बीच रिसर्च और डेवलपमेंट को गहरा करने पर बात हुई।
निवेशकों के लिए संकेत
हालांकि ये बातचीत अभी पॉलिसी लेवल पर है, लेकिन जानकारों का मानना है कि ये कदम भविष्य में ऐसे एग्रीमेंट्स की नींव रखते हैं जो भारतीय टेक कंपनियों के लिए ग्लोबल मार्केट के दरवाजे खोलेंगे। लॉन्ग-टर्म में इसका असर डिजिटल ट्रेड और डेटा स्टैंडर्ड्स जैसी नीतियों पर पड़ना तय है। अब निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि ये अंतरराष्ट्रीय वादे कितनी तेजी से जमीन पर उतरते हैं और भारत को ग्लोबल टेक हब बनाने में कितनी मदद करते हैं।
