2 सितंबर, 2026 को Japanese yen में **1%** से ज्यादा का उछाल देखा गया है। सरकार द्वारा करेंसी को सपोर्ट करने की खबरों और Bank of Japan द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने के संकेतों ने ग्लोबल मार्केट में हलचल मचा दी है।
बाजार में क्यों मचा है हड़कंप?
Japanese yen की कीमत में अचानक आई 1% की तेजी ने ट्रेडर्स के बीच हलचल बढ़ा दी है। बाजार में चर्चा है कि करेंसी को गिरने से रोकने के लिए जापानी सरकार बैकडोर से 'इंटरवेंशन' (Intervention) कर रही है। हालांकि, आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन करेंसी का स्तर ऐसे पॉइंट पर है जहां सरकार पहले भी कदम उठा चुकी है।
बैंक ऑफ जापान का कड़ा रुख
इस उठापटक की असली जड़ Bank of Japan (BOJ) का बदलता नजरिया है। बोर्ड मेंबर Hajime Takata ने साफ संकेत दिए हैं कि अब बैंक को ब्याज दरों को लेकर लचीला होना होगा और लगातार रेट हाईक की संभावनाएं बनी हुई हैं। यह जापान की सालों पुरानी 'जीरो इंटरेस्ट रेट' पॉलिसी का अंत माना जा रहा है।
'कैरी ट्रेड' का खतरा
ग्लोबल निवेशकों के लिए यह स्थिति टेंशन वाली है क्योंकि लंबे समय से 'कैरी ट्रेड' (Carry Trade) का बोलबाला रहा है। इसमें ट्रेडर्स कम ब्याज वाली जापानी मुद्रा में कर्ज लेकर ऊंचे ब्याज वाले देशों में निवेश करते हैं। यदि BOJ दरें बढ़ाता है, तो यह ट्रेड अनवाइंड (Unwind) होने लगेगा, जिससे ग्लोबल स्टॉक मार्केट में बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।
आगे क्या होगा?
BOJ गवर्नर Kazuo Ueda ने 17 और 18 सितंबर, 2026 की पॉलिसी मीटिंग में रेट हाईक पर चर्चा की बात कही है। हालांकि, ऊंचे रेट्स का असर जापान की इकोनॉमी पर भी पड़ेगा। अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी Scott Bessent ने भी करेंसी की स्थिरता पर चिंता जताई है, जिससे अब पूरी नजर बैंक की आगामी बैठक पर टिकी है।
