ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म JPMorgan ने भारतीय शेयर बाजार के लिए अपने भरोसे को कायम रखा है। कंपनी ने Nifty 50 इंडेक्स के लिए अपने बेस-केस टारगेट को **27,000** पर बरकरार रखा है। यह फैसला खासकर भारतीय कंपनियों की मजबूत कमाई (Earnings) के दम पर लिया गया है।
दमदार नतीजों से बनी मजबूत पकड़
JPMorgan ने FY27 की अर्निंग्स के मजबूत शुरुआत को देखते हुए यह लक्ष्य तय किया है। MSCI India की कंपनियों ने हालिया तिमाही में अपने रेवेन्यू में 19% और नेट प्रॉफिट में 16% की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की है। चिंताजनक बात यह है कि लगभग 58% कंपनियों ने विश्लेषकों के अनुमानों को पीछे छोड़ दिया है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि यह मजबूत अर्निंग्स ग्रोथ इक्विटी की कीमतों को सहारा देगी। JPMorgan को उम्मीद है कि 2026 में 11% और 2027 में 13% की अर्निंग्स ग्रोथ जारी रहेगी।
डोमेस्टिक साइक्लिकल्स पर फोकस
JPMorgan की निवेश रणनीति उन कंपनियों पर केंद्रित है जो घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती का फायदा उठा सकती हैं। इसमें पावर, इंफ्रास्ट्रक्चर, डिफेंस और फाइनेंशियल जैसे सेक्टर्स शामिल हैं। इन सेक्टर्स को सरकारी खर्च और मजबूत लोकल डिमांड का सीधा फायदा मिलता है।
वैल्यूएशन और मैक्रो इकोनॉमिक रिस्क
नतीजे भले ही शानदार हों, लेकिन JPMorgan ने कुछ संभावित जोखिमों पर भी ध्यान दिलाया है। भारतीय इक्विटीज का वैल्यूएशन अन्य इमर्जिंग मार्केट्स की तुलना में ज्यादा प्रीमियम पर है। ऐसे में, कमाई के अनुमानों में जरा सी भी चूक भारी पड़ सकती है।
इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, वैश्विक विकास दर में बदलाव, जियोपॉलिटिकल टेंशन, करेंसी में उतार-चढ़ाव और RBI की इंटरेस्ट रेट नीतियां भी बाजार की चाल पर असर डाल सकती हैं। अगले कुछ महीनों में कंपनियों की लगातार कमाई, मानसून का ग्रामीण मांग पर असर और वैश्विक मैक्रो इकोनॉमिक स्थिरता पर नजर रहेगी।
