US Stocks: महंगाई में नरमी, पर AI का 'खतरा'! निवेशक चिंतित, शेयर बाजार में सुस्ती

ECONOMY
Whalesbook Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
US Stocks: महंगाई में नरमी, पर AI का 'खतरा'! निवेशक चिंतित, शेयर बाजार में सुस्ती
Overview

अमेरिकी शेयर बाजार (US Stocks) में आज सुस्ती छाई रही। निवेशक पिछले हफ्ते के प्रदर्शन के बाद सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। जनवरी के महंगाई (Inflation) के आंकड़े उम्मीद से कम आने से फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) द्वारा इस साल ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें बढ़ गई हैं, लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते असर का डर अभी भी मार्केट पर हावी है।

महंगाई की आग हुई ठंडी, पर AI का डर

16 फरवरी 2026 को अमेरिकी शेयर बाजार के फ्यूचर (Futures) में ज्यादा हलचल देखने को नहीं मिली। यह पिछले हफ्ते की गिरावट के बाद की शांति थी, जहां S&P 500 और Nasdaq जैसे प्रमुख इंडेक्स कई हफ्तों से लाल निशान में थे। 13 फरवरी 2026 को जारी हुए जनवरी के कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के आंकड़े उम्मीद से कम थे। इस रिपोर्ट के बाद अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड्स (Treasury Yields) दिसंबर के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर आ गए। इसने बाजार की उम्मीदों को और मजबूत किया कि फेडरल रिजर्व जून या जुलाई तक ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। 13 फरवरी 2026 तक S&P 500 का 12 महीने का पी/ई रेश्यो (P/E Ratio) लगभग 29.06 था, जबकि 15 फरवरी 2026 तक Nasdaq कंपोजिट का पी/ई रेश्यो करीब 25.72 था। दिसंबर 2025 तक S&P 500 का मार्केट कैप $58.44 ट्रिलियन था, जो पिछले साल की तुलना में एक बड़ा उछाल दिखाता है।

AI का खौफ, सेक्टरों में घबराहट

महंगाई कम होने से भले ही मॉनेटरी पॉलिसी को लेकर थोड़ी राहत मिली हो, लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विभिन्न सेक्टरों पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर चिंता साफ दिख रही है। AI से होने वाली बड़े बदलावों (Disruption) का डर मार्केट सेंटिमेंट पर भारी पड़ रहा है। इसी वजह से S&P 500 और डाऊ जोन्स (Dow) पिछले पांच हफ्तों में से चार में गिरे हैं, वहीं Nasdaq लगातार पांचवें हफ्ते गिरावट में रहा। खास तौर पर रियल एस्टेट, ट्रकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे सेक्टर इस डर का सामना कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, नए AI-आधारित माल-ढुलाई प्रबंधन (Freight Management) टूल्स के लॉन्च के बाद ट्रकिंग और लॉजिस्टिक्स शेयरों में भारी गिरावट आई। 13 फरवरी 2026 को C.H. Robinson Worldwide (CHRW) का शेयर 14.5% लुढ़क गया, जो पांच साल में उसकी सबसे बड़ी गिरावट थी। रियल एस्टेट सर्विसेज फर्मों को भी बड़ा झटका लगा; 11 फरवरी 2026 को CBRE Group (CBRE) और Jones Lang LaSalle (JLL) के शेयर लगभग 12% गिर गए, क्योंकि AI से जटिल सौदों (Deal-making) और ऑफिस की मांग पर असर पड़ने की आशंका थी। फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनियों, जिनमें इंश्योरेंस ब्रोकर और वेल्थ मैनेजमेंट कंपनियां शामिल हैं, पर भी AI-संचालित टूल्स का दबाव है, जो पारंपरिक सलाहकार भूमिकाओं को ऑटोमेट कर सकते हैं।

एनालिस्ट्स बंटे, आगे क्या?

AI के दीर्घकालिक प्रभावों को लेकर एनालिस्ट्स की राय बंटी हुई है। कुछ का मानना है कि महंगाई कम होने के बाद इक्विटी मार्केट के लिए माहौल सकारात्मक हो सकता है, लेकिन AI-संवेदनशील सेक्टरों में बड़े उतार-चढ़ाव की चेतावनी दी जा रही है। वहीं, कुछ एनालिस्ट्स AI से 'कन्नीबल (Cannibalisation)' यानी खुद के उत्पादों को खत्म करने के जोखिम वाले शेयरों, खासकर सॉफ्टवेयर और बिजनेस सर्विसेज में सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। दूसरी ओर, कुछ ब्रोकरेज फर्म्स S&P 500 के लिए आशावादी हैं, क्योंकि इस अर्निंग सीजन में कंपनियों के मुनाफे (Earnings) में 13% की ग्रोथ देखी गई है। यह विरोधाभास दर्शाता है कि मार्केट कैसे संभावित मॉनेटरी ईजिंग (Monetary Easing) और टेक्नोलॉजी में हो रहे बड़े बदलावों के बीच तालमेल बिठाने की कोशिश कर रहा है। निवेशक अब 18 फरवरी 2026 को जारी होने वाले फेडरल रिजर्व की जनवरी मीटिंग के मिनट्स (Minutes) और 20 फरवरी 2026 को आने वाली पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) महंगाई रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। ये रिपोर्ट सेंट्रल बैंक की पॉलिसी दिशा और आर्थिक आउटलुक को लेकर और स्पष्टता देंगी।

ओवरवैल्यूएशन और AI का 'बियर केस'

फिलहाल, बाजार में 21.5 के फॉरवर्ड पी/ई रेश्यो के साथ ओवरवैल्यूएशन (Overvaluation) का खतरा है, जो ऐतिहासिक औसत से ऊपर है। साथ ही, AI इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश भी एक बड़ा जोखिम पेश करता है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या AI में किया गया यह भारी निवेश मौजूदा ऊंचे वैल्यूएशन्स को सही ठहराने के लिए पर्याप्त रिटर्न दे पाएगा। माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) और अमेज़न (Amazon) जैसी कंपनियों के शेयर साल की शुरुआत से ही AI से जुड़े व्यावसायिक जोखिमों और प्रतिस्पर्धा को लेकर चिंता के कारण गिर चुके हैं। सॉफ्टवेयर, इंश्योरेंस, रियल एस्टेट और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में AI टूल्स का तेजी से आना एक बड़ी बिकवाली का कारण बना है, जिससे निवेशक हाई-फीस वाले, लेबर-इंटेंसिव बिजनेस मॉडल्स की कमजोरियों का आकलन कर रहे हैं। हालांकि, कुछ एनालिस्ट्स का मानना ​​है कि यह बिकवाली AI के तत्काल जोखिम को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रही है, क्योंकि AI को अभी भी जटिल कामों में कई सीमाओं का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद, AI-संबंधित व्यवधानों के कारण लोअर-रेटेड बॉन्ड मार्केट में डिफॉल्ट (Defaults) की संभावना समग्र बाजार स्थिरता को प्रभावित कर सकती है।

भविष्य की राह: अनिश्चितता के बीच रास्ता

बाजार की निकट अवधि की दिशा आने वाले आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की टिप्पणियों पर निर्भर करेगी। निवेशक यह आश्वस्त होना चाहते हैं कि अर्थव्यवस्था ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं और AI-संचालित परिवर्तन के दोहरे दबावों को झेल सकती है। हालांकि कम ब्याज दरों का वादा आम तौर पर इक्विटी वैल्यूएशन्स का समर्थन करता है, AI की विघटनकारी क्षमताओं और मौजूदा टेक वैल्यूएशन्स की स्थिरता को लेकर लगातार चिंताएं उच्च स्तर की अनिश्चितता का दौर सुझाती हैं। बाजार की यह क्षमता कि वह AI के असली लाभार्थियों और व्यवधान से प्रभावित होने वालों के बीच अंतर कर सके, आने वाले महीनों में सेक्टर प्रदर्शन को आकार देने में महत्वपूर्ण होगी। एनालिस्ट्स वित्तीय वर्ष 2026 (CY 2026) के लिए S&P 500 में 14.4% की अर्निंग ग्रोथ का अनुमान लगा रहे हैं, लेकिन यह आउटलुक AI की बदलती कहानी पर निर्भर है।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.