STT Collections: सरकारी खजाने में बंपर कमाई, STT कलेक्शन **53%** उछलकर **₹40,214 करोड़** के पार

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AuthorAditya Rao|Published at:
STT Collections: सरकारी खजाने में बंपर कमाई, STT कलेक्शन **53%** उछलकर **₹40,214 करोड़** के पार

चालू फाइनेंशियल ईयर में सरकार की सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) से कमाई ने रफ्तार पकड़ ली है। 17 सितंबर तक यह आंकड़ा **₹40,214 करोड़** पर पहुंच गया है, जो पिछले साल के मुकाबले **53%** ज्यादा है।

भारत सरकार के लिए सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) एक बड़ी कमाई का जरिया बनकर उभरा है। फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के पहले 6 महीनों में ही कलेक्शन ने पिछले साल के ₹26,305.72 करोड़ के आंकड़े को पीछे छोड़ दिया है।

कमाई बढ़ने की असली वजह

इस उछाल के पीछे बजट में किए गए बड़े बदलाव हैं, जो 1 अप्रैल, 2026 से लागू हुए थे। सरकार ने फ्यूचर्स ट्रेड पर STT को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया। वहीं, ऑप्शंस प्रीमियम पर लेवी को 0.10% से बढ़ाकर 0.15% किया गया और एक्सरसाइज किए गए ऑप्शंस पर टैक्स को 0.125% से बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया। साल 2024 के बाद यह दूसरी बार है जब दरों में संशोधन किया गया है।

ट्रेडिंग पर रेगुलेटरी का शिकंजा

ज्यादा टैक्स के साथ ही मार्केट में रेगुलेटरी सख्ती भी बढ़ गई है। SEBI ने डेरिवेटिव्स मार्केट में रिस्क कम करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं, जिनमें 100% कोलैटरल की जरूरत और क्लोजिंग ऑक्शन में बदलाव शामिल है। इन नियमों का असर अब ट्रेडिंग वॉल्यूम पर दिखने लगा है, जिससे बाजार की हलचल थोड़ी कम हुई है।

आगे का लक्ष्य क्या है?

सरकार ने इस फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹73,700 करोड़ का लक्ष्य रखा है। आधे साल में ही ₹40,000 करोड़ से ज्यादा की वसूली से रेवेन्यू मोमेंटम काफी मजबूत दिख रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या रेगुलेटरी सख्ती से डेरिवेटिव्स वॉल्यूम में गिरावट आती है, जिससे साल की दूसरी छमाही में कलेक्शन की रफ्तार थोड़ी धीमी हो सकती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.