भारत का ₹21,000 करोड़ का प्रोटीन मार्केट: एक तरफ मुनाफे की उम्मीद, दूसरी तरफ महंगाई का डर

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AuthorAditya Rao|Published at:
भारत का ₹21,000 करोड़ का प्रोटीन मार्केट: एक तरफ मुनाफे की उम्मीद, दूसरी तरफ महंगाई का डर

भारत का प्रोटीन मार्केट साल 2031 तक **₹21,000 करोड़** तक पहुंचने की राह पर है। हालांकि, निवेशकों के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण है क्योंकि एक तरफ प्रीमियम हेल्थ प्रोडक्ट्स में ग्रोथ दिख रही है, तो दूसरी तरफ एथेनॉल पॉलिसी के कारण पोल्ट्री सेक्टर लागत के दबाव से जूझ रहा है।

भारत में खान-पान की आदतें तेज़ी से बदल रही हैं और प्रोटीन अब कंपनियों और कंज्यूमर्स दोनों के लिए मुख्य फोकस बन गया है। इंडस्ट्री डेटा के अनुसार, घरेलू प्रोटीन मार्केट ₹15,300 करोड़ (2026) से बढ़कर 2031 तक ₹21,000 करोड़ के आंकड़े को पार कर सकता है। शहरी इलाकों में हेल्थ और वेलनेस के प्रति बढ़ती जागरूकता के चलते FMCG कंपनियां अब प्रोटीन युक्त स्नैक्स और हेल्थ ड्रिंक्स पर बड़ा दांव लगा रही हैं।

प्रीमियम बनाम मास-मार्केट का संकट

निवेशकों को यह समझना होगा कि यह सेक्टर दो हिस्सों में बंट गया है। प्रीमियम सेगमेंट, जैसे कि प्रोटीन सप्लीमेंट्स और हेल्थ बार्स, में कंपनियों के पास ग्राहकों से बढ़ी हुई लागत वसूलने की 'प्राइसिंग पावर' है। वहीं दूसरी ओर, अंडे और पोल्ट्री जैसे जरूरी प्रोटीन उत्पाद महंगाई की मार झेल रहे हैं।

एथेनॉल पॉलिसी और लागत का दबाव

इस संकट की एक बड़ी वजह सरकार की E20 एथेनॉल-ब्लेंडिंग पॉलिसी है। मक्के का एक बड़ा हिस्सा ईंधन बनाने में इस्तेमाल होने से पशु आहार की सप्लाई कम हो गई है। National Egg Coordination Committee के मुताबिक, अगस्त 2026 तक फीड की बढ़ती कीमतों के कारण लागत में 35% से 40% तक का उछाल देखा गया है। ग्रामीण बाजारों में बढ़ती कीमतों का बोझ ग्राहकों पर डालना कंपनियों के लिए मुश्किल हो रहा है, जिससे उनके ऑपरेटिंग मार्जिन पर दबाव दिख रहा है।

निवेशकों के लिए क्या है खास?

जो कंपनियां अपने पोर्टफोलियो में विविधता (Diversification) रखती हैं, वे कच्चे माल की महंगाई का असर बेहतर तरीके से झेल सकती हैं। वहीं, पूरी तरह से पोल्ट्री या फीड पर निर्भर कंपनियों के लिए मुनाफा बनाए रखना बड़ी चुनौती है। आने वाली तिमाहियों में मक्के की कीमतों का ट्रेंड और एथेनॉल पॉलिसी में किसी बदलाव की उम्मीद ही इस सेक्टर की अगली दिशा तय करेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.