India Debt Target: क्या सरकार 2031 तक कर्ज कम कर पाएगी? N K Singh ने दी बड़ी चेतावनी

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AuthorAditya Rao|Published at:
India Debt Target: क्या सरकार 2031 तक कर्ज कम कर पाएगी? N K Singh ने दी बड़ी चेतावनी

पूर्व वित्त आयोग अध्यक्ष N K Singh ने भारत के डेट-टू-GDP रेशियो को FY31 तक **73.1%** तक लाने के लक्ष्य पर चिंता जताई है। ग्लोबल अस्थिरता के बीच वर्तमान में यह आंकड़ा **84%** पर खड़ा है, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकता है।

चुनौती भरा है रास्ता

पूर्व वित्त आयोग अध्यक्ष N K Singh ने स्पष्ट किया है कि 2030-31 तक देश के सरकारी कर्ज को घटाकर 73.1% के स्तर पर लाना एक बड़ी चुनौती है। भारत का लक्ष्य 2047 तक एक विकसित अर्थव्यवस्था बनना है, और इसके लिए राजकोषीय मजबूती (Fiscal Health) बेहद अहम है।

आंकड़ों का गणित

फिलहाल देश का सामान्य सरकारी कर्ज-जीडीपी रेशियो लगभग 84% है। केंद्र सरकार का विशेष लक्ष्य इसे FY31 तक 49% से 51% के बीच लाने का है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, केंद्र सरकार का कर्ज अभी 58.2% है, जो 56.1% के लक्ष्य से थोड़ा ज्यादा है। हालांकि, महामारी के दौरान 9.2% पर रहे फिस्कल डेफिसिट को घटाकर 7% तक लाना एक बड़ी उपलब्धि रही है।

निवेशकों के लिए क्या मायने हैं?

भारतीय अर्थव्यवस्था की सेहत सीधे तौर पर निवेशकों के सेंटीमेंट से जुड़ी है। कर्ज का कम स्तर सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग को बेहतर बनाता है और ब्याज दरों को स्थिर रखने में मदद करता है। सरकार का कर्ज नियंत्रित रहने से प्राइवेट सेक्टर के लिए निवेश के रास्ते खुलते हैं।

जोखिम और रणनीति

भविष्य में ग्लोबल जियो-पॉलिटिकल तनाव और आर्थिक झटके इस योजना को पटरी से उतार सकते हैं। सरकार अब स्टेट्स के साथ मिलकर नए फाइनेंसिंग मॉडल्स पर ध्यान दे रही है ताकि प्राइवेट कैपिटल की भागीदारी बढ़ाई जा सके। आने वाले समय में इन्फ्रास्ट्रक्चर खर्च और कर्ज घटाने के बीच का संतुलन ही तय करेगा कि भारत अपने फिस्कल रोडमैप पर कितना सफल रहता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.