भारत का ग्रॉस गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) कलेक्शन अक्टूबर 2026 में **₹2.31 लाख करोड़** के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जो सालाना आधार पर **22.9%** की बढ़ोतरी दर्शाता है। यह लगातार चौथा महीना है जब सरकारी रेवेन्यू ने **₹2 लाख करोड़** का आंकड़ा पार किया है।
अक्टूबर 2026 में देश का ग्रॉस GST कलेक्शन ₹2,31,290 करोड़ के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है। सरकार के लिए यह लगातार चौथा ऐसा महीना रहा है, जब टैक्स रेवेन्यू ₹2 लाख करोड़ के मील के पत्थर को पार करने में कामयाब रहा है।
आयात से बढ़ी कमाई (Import Trade Impact)
इस महीने के आंकड़ों में सबसे चौंकाने वाली बात अंतरराष्ट्रीय व्यापार का योगदान रही है। इंपोर्ट-रिलेटेड टैक्स रेवेन्यू में सालाना आधार पर 42.2% का भारी उछाल आया है और यह ₹72,246 करोड़ रहा है। वहीं, दूसरी ओर घरेलू GST कलेक्शन ₹1,59,044 करोड़ रहा, जिसमें 15.8% की वृद्धि दर्ज की गई। निवेशकों के लिए यह एक संकेत है कि सरकारी खजाना अभी बाहरी ट्रेड और कमोडिटी की कीमतों पर काफी निर्भर है, जो कि वैश्विक अनिश्चितताओं के प्रति संवेदनशील हो सकता है।
राज्यों का प्रदर्शन और फिस्कल ग्रोथ
अप्रैल से अक्टूबर 2026 के बीच कुल GST कलेक्शन ₹14.77 लाख करोड़ पहुंच चुका है, जो पिछले साल के मुकाबले 13.2% अधिक है। औद्योगिक राज्यों में महाराष्ट्र सबसे बड़ा योगदानकर्ता बना हुआ है, जिसके बाद कर्नाटक, गुजरात और उत्तर प्रदेश का स्थान है।
भविष्य की चुनौतियां
हालांकि आंकड़े बेहद मजबूत दिख रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञ आगाह कर रहे हैं कि भू-राजनीतिक तनाव और एनर्जी की कीमतों में उतार-चढ़ाव मैन्युफैक्चरिंग लागत पर दबाव डाल सकते हैं। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या यह रिकॉर्ड रफ्तार साल के बाकी महीनों में भी कायम रह पाती है और क्या घरेलू मांग (Domestic Demand) अपनी मजबूती बरकरार रख पाएगी।
