Food Processing Sector: भारत का बड़ा लक्ष्य, 2030 तक $600 बिलियन की इंडस्ट्री बनने की तैयारी

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AuthorMehul Desai|Published at:
Food Processing Sector: भारत का बड़ा लक्ष्य, 2030 तक $600 बिलियन की इंडस्ट्री बनने की तैयारी

भारत का फूड प्रोसेसिंग सेक्टर तेजी से बदल रहा है और FICCI और Deloitte की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2030 तक इसका बाजार **$600 बिलियन** तक पहुंचने का अनुमान है। यह बदलाव कच्चे माल से वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स की ओर बढ़ने का है, जो एक्सपोर्ट को बढ़ावा देगा।

भारत अब अपने फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को अर्थव्यवस्था का मुख्य इंजन बनाने की राह पर है। हाल ही में जारी 'STEP UP' रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे देश एक वॉल्यूम-बेस्ड एग्रीकल्चर मॉडल से हटकर टेक्नोलॉजी-ड्रिवन और वैल्यू-एडेड अप्रोच की तरफ बढ़ रहा है। निवेशकों के लिए यह सेक्टर FMCG, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स और कोल्ड-चेन इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए कमाई के नए रास्ते खोल सकता है।

कमोडिटी से वैल्यू की ओर सफर

वर्तमान में भारत में पैदा होने वाले कुल कृषि उत्पाद का केवल 12% से 13% हिस्सा ही प्रोसेस होता है। लक्ष्य अब इस आंकड़े को बढ़ाना है। कंपनियां अब सिर्फ कच्चा माल एक्सपोर्ट करने के बजाय रेडी-टू-कंज्यूम आइटम और स्पेशलाइज्ड इंग्रीडिएंट्स पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। इससे न केवल कंपनियों का मार्जिन बढ़ेगा, बल्कि कमोडिटी प्राइस में होने वाली उतार-चढ़ाव से भी राहत मिलेगी।

इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी का रोल

इस सेक्टर की कामयाबी पूरी तरह से मजबूत सप्लाई चेन पर टिकी है। पोस्ट-हार्वेस्ट होने वाली बर्बादी को रोकने के लिए भारी मात्रा में कोल्ड-चेन इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश की जरूरत है। बड़ी कंपनियां अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल डिमांड फोरकास्टिंग और क्वालिटी कंट्रोल के लिए कर रही हैं ताकि ग्लोबल स्टैंडर्ड्स को पूरा किया जा सके।

रिस्क और चुनौतियां

उज्ज्वल संभावनाओं के बीच कुछ जोखिम भी हैं। यह सेक्टर MSMEs पर काफी निर्भर है, जिनके पास क्रेडिट की कमी और पतले मार्जिन की समस्या रहती है। इसके अलावा, क्लाइमेट चेंज और फूड इन्फ्लेशन जैसी चुनौतियां भी हैं, जो कच्चे माल की कीमतों को प्रभावित करती हैं और कंपनियों के मुनाफे पर दबाव डालती हैं।

निवेशकों को क्या देखना चाहिए?

यह लक्ष्य रातों-रात पूरा नहीं होगा, इसके लिए सही क्रियान्वयन जरूरी है। निवेशकों को कंपनियों के केपेक्स (Capex) प्लान, नई टेक्नोलॉजी को अपनाने की गति और सरकार द्वारा चलाई जा रही PLI स्कीमों पर पैनी नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.